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नीतीश कुमार की शराबबंदी को ‘मित्र दल’ की चुनौती, BJP नेता की गाड़ी से हो रही थी अवैध शराब की तस्करी !

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी-जेडीयू-कांग्रेस महागठबंधन सरकार के दौरान बिहार में शराबबंदी लागू की थी। जब तक बिहार में महागठबंधन सरकार रही। अवैध शराब मिलने की घटनाएं खत्म तो नहीं हुईं लेकिन बहुत कम जरूर हो गईं थीं।

अब ईमानदारी के नाम पर आरजेडी से अलग होकर बीजेपी के पाले में आए नीतीश कुमार की शराब बंदी को उनकी सहयोगी बीजेपी के नेता ही चुनौती देने में लगे हैं।

घटना बिहार के नावादा जिले के गोविंदपुर की है। जहां बीजेपी का बोर्ड लगे वाहन से बिना लेबल लगीं 275 बोतलें अंग्रेजी शराब की बरामद हुईं हैं। इतनी बड़ी तादाद में मिली शराब के बोतलों की संख्या यह बताती है कि इस कार से अवैध शराब की तस्करी की जा रही थी। मीडिया खबरों के मुताबिक, अवैध शराब की तस्करी करने वाले वाहन छोड़कर भागने में सफल रहे।

थानाध्यक्ष रवि पासवान ने कहा, गुप्त सूचना के आधार पर शराब की तस्करी की खबर मिली थी जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की। सूचना के बाद बाज़ार चौक पर वाहनों की जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा जांच में बात सामने आ रही है कि गाड़ी एक स्थानीय बीजेपी नेता की है। हम उसकी भूमिका पर भी जांच करेंगे।

शराब मुक्त बिहार में अवैध शराब का मिलना जारी है। ऐसे में एक बात तो तय मानी जा रही है कि शराब का अवैध कारोबार करने वालों को बदली हुई सत्ता की परिस्थतियों में राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।

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