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नीतीश की चुनौती: हम बिहार में चुनाव के लिए तैयार, हिम्मत है तो यूपी में भी चुनाव करा ले भाजपा

पटना । नेशनल जनमत ब्यूरो।

बिहार में बीजेपी और महागठबंधन नेताओं के बीच जुबानी जंग अब दूसरे दौर में पहुंच गई है. पहले दौर में राजद अध्यक्ष लालू यादव ने  बीजेपी नेताओं की ट्विटर से बोलती बंद कर दी थी. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बीजेपी की चुनौती पर पलटवार किया है.

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते हुए कहा था कि बिहार में कानून व्यवस्था बहुत खराब है. नीतीश जी को अगर अपने विकास पर भरोसा है तो वो इस्तीफा देकर चुनाव करा लें. पता चल जाएगा कि बिहार की जनता किसके साथ है.

नीतीश कुमार ने भी केशव मौर्या के बयान का मुंहतोड़ जबाब देते हुए कहा कि मैं बीजेपी की चुनौती स्वीकार करता हूं . बीजेपी में हिम्मत  है तो एक साथ बिहार-यूपी में चुनाव करा ले, हम तैयार हैं. उन्होंने कहा कि एनडीए और बीजेपी के नेता जिन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की है, वे सभी अगर लोकसभा सदस्य पद से इस्तीफा दे दें तो मैं चुनाव के लिए तैयार हूं.

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नीतीश ने उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है. केशव मौर्य ने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2019 तो दूर है. नीतीश कुमार बताएं कि बिहार में कब मध्यावधि चुनाव कराना है, 2018 या 2017 में ही.

इसका जवाब देते हुए नीतीश ने कहा कि अगर बिहार और उत्तरप्रदेश के एनडीए और बीजेपी के नेता, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की है वो सभी लोकसभा के सदस्य पद से इस्तीफा दे दें तो फिर से चुनाव कराने मे मुझे कोई एेतराज नहीं है. मैं कल ही बिहार और उत्तरप्रदेश में एक साथ कल ही चुनाव  कराने को तैयार हूं.

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कांग्रेस ने कहानीतीश के बयान से बीजेपी की बोलती बंद

कांग्रेस के प्रवक्ता विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सीएम नीतीश की चुनौती पर बीजेपी नेताओं की बोलती बंद हो गई है. उन्होंने कहा कि यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को मालूम होना चाहिए कि यह उत्तरप्रदेश नहीं, बिहार है, यहां की जनता भ्रम में आनेवाली नहीं है. महागठबंधन को बिहार की जनता का आशीर्वाद प्राप्त है. उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने महागठबंधन को चुनाव कराने की चुनौती दी थी और सीएम नीतीश ने बीजेपी नेताओं की चुनौती को स्वीकार किया था.

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केंद्र सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का लगाया आरोप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में किसानों की हालत खराब है. केंद्र सरकार किसानों के प्रति उदासीन है. उन्होंने किसान आंदोलनों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।किसानों की उपज के लिए अपर्याप्त और कम खरीद मूल्य वर्तमान कृषि संकट का आधार है.

कहाकर्ज माफी अकेला समाधान नहीं 

नीतीश ने कहा कि किसानों के लिए कर्ज माफी अकेला समाधान नहीं है. अलग-अलग जगहों पर अलग समस्याएं  हैं. कहीं किसानों की लागत बढ़ गई है और उत्पादन मूल्य में वृद्धि नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि मोदीजी ने चुनाव के समय कहा था कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य की घोषणा की जाएगी.

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उन्होंने जीएम सीड को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है कि नई प्रकार की बीमारियां शुरू हो गई है. कृषि में यह अवधारणा है कि इन बीजों से जितना उत्पादन बढ़ेगा वो उतना ही गलत है. साथ ही उन्होंने लिखा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं है. हमें किसानों के हित को ध्यान में रखकर बेहतर नीति बनानी होगी.

बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते-

नीतीश ने कहा कि जिस किसान ने कर्ज नही लिया वो संकट में नहीं है. बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि इस देश के जाट मराठा और पाटीदार आरक्षण की मांग कर रहे है, उसके पीछे कारण कृषि संकट ही है.

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