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BJP सरकार को ललकारने, पाटीदारों की किसान महापंचायत में पहुंचेगे नीतीश, देवेगौड़ा और हार्दिक पटेल

नई दिल्ली/इंदौर। नीरज भाई पटेल (नेशनल जनमत)

किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में शिवराज सरकार की नाकामी का शिकार हुए पांच पाटीदार किसानों की मौत से मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात तक किसानों-पाटीदारों में बीजेपी सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर रोष है। इस गुस्से को लोग सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर प्रदर्शन करके जाहिर भी कर रहे हैं। इस गुस्से और नारजगी के बीच पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, बिहार के सीएम नीतीश कुमार और पादीदार समाज के तेजतर्रार नेता हार्दिक पटेल के 16 जुलाई को मंदसौर पहुंचने की खबर से मध्य प्रदेश की सियासत गर्मा गई है।

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पाटीदार किसानों की मौत से गुस्से में है किसान- 

मंदसौर गोलीकांड के बाद पूरे मध्य प्रदेश में गरमाई किसान आंदोलन की सियासत एक बार फिर गर्म हो उठी है। आक्रोशित पाटीदार समाज ने शिवराज सरकार को सबक सिखाने की बात मन में ठान ली है।  इसे लेकर 16 जुलाई को पिपलिया मंडी में किसान महासम्मेलन रखकर देश भर के बड़े और ताकतवर पाटीदार-पटेल-कुर्मी नेताओं को एक मंच पर एकजुट करने की योजना है।

जनता दल यूनाइटेड और पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार के अनुसार इस सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा मुख्य रूप से मौजूद होंगे। इसके अलावा समान विचारधारा के कई और नेताओं को बुलाया जाएगा।

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हार्दिक-अखिलेश को नहीं जाने दिया था मंदसौर- 

मंदसौर सहित पूरे म.प्र. में शांति स्थापित होने का दावा करके मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपना उपवास खत्म किया था। इसके बाद शासन स्तर पर मंदसौर जिले को शांत घोषित कर दिया गया। इसके बाद किसी भी राजनीतिक दल अथवा संगठन को मंदसौर में घुसने नहीं दिया गया। हार्दिक पटेल पुलिस की गोलीबारी में मारे गए पाटीदार किसानों के परिजनों से मिलने जाना चाहते थे लेकिन उनको और अखिलेश कटियार को साथियों समेत राजस्थान की सीमा पर ही हिरासत में ले लिया गया और बाद में पुलिस सुरक्षा में राजस्थान भेज दिया गया।

महापंचायत रोकने की कोशिश हुई तो उग्र हो सकते हैं किसान- 

किसी भी नेता को मंदसौर जाने से रोकने पर अड़ी शिवराज सरकार ने हाल ही में किसान मुक्ति यात्रा को रोककर प्रशासन ने सभी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। अब स्थानीय स्तर पर पाटीदार समाज का जमावड़ा होने जा रहा है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस आयोजन को रोकने की है। पादीदार नेताओं ने साफ कहा कि अगर रोकने की जोर-जबरदस्ती की गई तो माहौल भड़क सकता है।

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नीमच मीटिंग में नीतीश व हार्दिक के प्रतिनिधि के बतौर पहुंचे अखिलेश कटियार- 

नीमच में पत्रकारों से बात करते हुए जेडीयू महासचिव अखिलेश कटियार

सोमवार को नीमच में महासम्मेलन को लेकर पाटीदार समाज की बड़ी बैठक हुई। शहर के ग्वालटोली क्षेत्र स्थित पाटीदार छात्रावास में आयोजित इस बैठक में नीतीश कुमार और हार्दिक पटेल के पदाधिकारी और प्रतिनिधि के रूप में जेडीयू-पीएनएस के महासचिव अखिलेश कटियार विशेष रूप से मौजूद थे। बड़ी संख्या में मौजूद समाज के लोगों के बीच गोलीकांड से लेकर अब तक के हालात पर चर्चा हुई। इस बैठक में अखिलेश कटियार ने हार्दिक पटेल से वीडियो कॉल पर पादीदार पदाधिकारियों से चर्चा भी करवाई।

महापंचायत होने देने और रोकने दोनों ही स्थिति में सरकार को नुकसान- 

किसान आंदोलन को अभी भी देश के किसान संगठनों और कांग्रेस ने जिंदा रखा हुआ है। गोलीकांड का दंश झेल रही प्रदेश सरकार के खिलाफ पाटीदार समाज और अन्य कृषक समाज की एकजुटता नई चुनौती खड़ी करने का काम कर रही है। ऐसे में नीतीश कुमार जैसे कद्दावर और हार्दिक पटेल जैसे फायर ब्रांड युवा नेता की मौजूदगी में होने वाली महापंचायत में बनने वाली रणनीति सरकार की मुश्किलों में इजाफा ही करेगी। सरकार अगर कार्यक्रम होने देगी तो सरकार विरोधी माहौल बनेगा। रोकेगी तो विवाद उत्पन्न होगा।

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पाटीदारों का उत्पीड़न कर रही है शिवराज सरकार- 

पाटीदार समाज की बैठक में प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश साफ नजर आया। गोलीकांड के बाद सरकार ने जो बयान दिए उससे समाज के लोग खासे नाराज थे। मुख्यमंत्री के उपवास के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को भोपाल बुलाकर जबरदस्ती अपने पक्ष में बयान दिलवाने की सरकार की कोशिशों को समाज और किसानों का अपमान बताया। समाज के लोगों का आरोप है कि अभी भी पुलिस लोगों को परेशान कर रही है। किसानों को तस्कर बताकर झूठे मुकदमे लादे जा रहे हैं। हर दिन लिस्ट में बेगुनाह पाटीदारों के नाम जोड़कर प्रशासन उनको प्रताड़ित  कर रहा है।

 

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