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नीतीश कुमार ने RSS-BJP पर उठाए गंभीर सवाल, बोले आजादी की लड़ाई में इस विचारधारा की क्या भूमिका थी ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों बीजेपी पर कुछ ज्यादा ही आक्रामक रुख अपना चुके हैं लेकिन गोदी मीडिया के लोग अभी भी बिहार के गठबंधन को तुड़वाकर नीतीश कुमार को बीजेपी के पाले में ले जाने की कोशिश में जुटा हुआ है। शायद यही वजह है कि नीतीश कुमार के बीजेपी के खिलाफ दिए जा रहे बयानों को तवज्जो ना देकर उनकी कही अन्य बातों को एजेंडा के तहत लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

ऐसा ही नीतीश कुमार का बयान जिसे मीडिया पूरी तरह से घोंट गई।  नीतीश कुमार ने भाजपा और RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में जिन विचारधाराओं की कोई भूमिका नहीं थी, आज वही देश की सत्ता पर काबिज हैं।

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गौरतलब है कि आरएसएस और बीजेपी की विचारधारा से जुड़े लोगों से अक्सर ये सवाल पूछा जाता है कि आजादी की लड़ाई में उनकी विचारधारा के लोगों की क्या भूमिका रही है। जिस समय देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था उस समय संघ के लोग क्या कर रहे थे? क्यों नहीं किसी संघी को उस समय फांसी दी गई या जेल भेजा गया ?

हमला नम्बर- 2- 

घूमने वाली गाय को भाजपा क्यों नहीं पालती- 

इतना ही नहीं जेडीयू के राज्यकार्यकारिणी के सम्मेलन में  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा गाय की बात करती है। बिहार से अधिक गाय उत्तर प्रदेश में सड़कों पर घूमती हैं। सड़क पर घूमने वाली गायों को भाजपा क्यों नहीं पालती। अगर भाजपा से जुड़े लोग गाय के नाम पर राजनीति करते हैं तो उनको मरने के लिए सड़क पर खुला क्यों छोड़ दिया जाता है।

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नीतीश कुमार के इसी सवाल को आगे बढ़ाते हुए गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता जयंती भाई मनाणी RSS से पूछ रहे हैं ये सवाल-

1. संघ परिवार के संगठन ईसाई या मुस्लिम विरोधी प्रचार-प्रसार करते रहते है,  तो संघ ने ये प्रचार अंग्रेजी शासन में क्यों नहीं किया ?

2. 1817 मे पेशवा शासन की समाप्ति और ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन के प्रारम्भ से ले कर 19-वी सदी के अंत तक अंग्रेज भारतीय लोगों का ईसाई धर्म में धर्मान्तरण करते रहे, 1925 से 1947 तक ईसाई धर्मान्तरण पर RSS ने आवाज क्यों नहीं उठाई ?

3.क्या संघ ने ईसाई धर्मांतरण के खिलाफ 1925 से 1947 के बीच में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन चलाया है ?

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4. आजादी की लड़ाई में संघ का कौन सा नेता जेल गया है ? या फिर संघ के किस नेता को आजादी के आंदोलन के दौरान फांसी की सजा सुनाई गई ?

5. 1925 से 1947 तक चलते रहे आजादी के आंदोलन में संघ या संघ के किसी स्वयंसेवक या सर संघचालक ने भाग क्यों नहीं लिया और आजादी के आन्दोलन के विरोधी तथा ब्रिटिश शासन के समर्थक क्यों बने रहे थे?

6. 1925 से 1947 तक गौमांस भक्षक अंग्रेजी शासको के खिलाफ संघ के कट्टर जातिवादी नेताओ ने गौहत्या बंद कराने का कोई आंदोलन क्यों नहीं चलाया ?

7. हिन्दुओ में ब्राह्मण 3 % से भी कम हैं और हिन्दुओ में ओबीसी, एससी और एसटी 85% है. संघ के 6 सर संघचालक में से कितने ब्राह्मण हैं ? और कितने गैर-ब्राह्मण हैं. या फिर कितने सरसंघचालक ओबीसी,एससी,और एसटी समुदाय से हैं।

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8. संघ अगर अपने को हिंदू संगठन कहता है तो फिर 85 फीसदी से अधिक हिंदू आबादी को मिलने वाले आरक्षण का विरोध क्यों करता है। आरक्षण का विरोध करके तो संघ 85 फीसदी हिंदू जनता का विरोधी संगठन बन जाता है।

9. संघ शुद्र(आज के ओबीसी)और अतिशूद्र-अवर्ण (एससी-एसटी) को हिंदू मानता है ? अगर मानता है तो संघ के राष्ट्रीय नेताओं में उनमे से कोई एक को भी स्थान क्यों नहीं मिला है ?

10. 1925 से आजकर संघ में कोई महिला सर संघचालक क्यों नहीं बनीं ? इस तरह से संघ में महिलाओं का प्रवेश निषेध करके क्या संघ महिला विरोधी संगठन नहीं बन गया है ?

11. संघ में और संघ परिवार के संगठनो के नेताओ में ब्राह्मण और गैर- ब्राह्मण की कितनी सामाजिक भागीदारी क्या है ?

12. संघ के प्रथम सर संघचालक, विहिप के प्रथम अध्यक्ष, एबीवीपी के प्रथम अध्यक्ष, भीरतीय मज़दूर संघ के प्रथम अध्यक्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेविका संघ की प्रथम अध्यक्षा कौन सी जाति की थी और आज इन पदों पर  कौन सी जाति के है ?

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13. 20-वी सदी के श्रेष्ठ हिंदू महात्मा गाँधी की हत्या का आरोप संघ-हिंदू महासभा से जुड़े महाराष्ट्र के ब्राह्मणों पर ही क्यों लगता है ?

14. अछूत माना गया समुदाय अगर हिंदू है और संघ भी हिन्दूवादी संगठन है, तो नासिक के कालाराम मंदिर-प्रवेश के डॉ.बाबासाहेब आम्बेडकर के आंदोलन का संघ ने विरोध क्यों किया?

15. 1925 से 1947 तक अछूत समुदाय या आदिवासी समुदाय के सामाजिक अधिकार के लिए या असमानता के विरूद्ध संघ ने कोई आंदोलन चलाया ?

16. संघ के नेता या स्वयंसेवकों में से किसी ने 1925-1947 के दरम्यान “वन्देमातरम” का नारा लगाया था ?

संघ नागपुर स्थित ्अपने कार्यालय पर तिरंगा झंडा क्यों नहीं फहराता ?

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17. क्या संघ को 1925 से 1947 के बीच पता चला कि बाबरी मस्जिद ही राम की जन्मभूमि का स्थान है ? अगर हां तो आंदोलन क्यों नहीं चलाया ?

18. 1980 मे देश के 52 % ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारो के दस्तावेज मंडल कमीशन की रिपोर्ट आने के बाद और 198I-84 तक मंडल रिपोर्ट को लागू करने के लिए आवाज उठनी शुरू होने के बाद, संघ ने बाबरी मस्जिद के विवाद को हवा क्यों दी ?

19. 7 अगस्त 1990 को देश के 54% ओबीसी समुदाय को केंद्र की नौकरियों की सता में हिस्सेदारी देते 27% मंडल आरक्षण की घोषणा के बाद हुए ओबीसी आरक्षण के विरुध्ध आन्दोलन में संघ परिवार के संगठनों ने बढ़चढ़ कर के हिस्सा क्यों लिया ?

20. 7 अगस्त 1990 को देश के 54% ओबीसी समुदाय को केंद्र की नौकरियों की सता में हिस्सेदारी देते 27% मंडल आरक्षण की घोषणा के विरुध्ध संघ परिवार के कट्टर जातिवादी ब्राह्मण नेताओ ने सोमनाथ से अयोध्या की रामरथ यात्रा क्यों निकाली?

21. 19 नवम्बर 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने 27% ओबीसी आरक्षण को संवैधानिक घोषित करने के बाद ओबीसी समुदाय को गुमराह करने के लिए संघ परिवार के कट्टर जातिवादी ब्राह्मण नेताओ ने 6 दिसम्बर 1992 को ने कारसेवा के नाम पर बाबरी मस्जिद क्यों गिरवाई ?

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22. संघ ने अग्रेजी शासन में 1925-47 तक गौहत्या के लिए कोई आंदोलन क्यों नहीं चलाया ? स्वदेशी शासन में 1950 के बाद गो हत्यॉ की बात क्यों उठाई गई ?

23. संघ राष्ट्रवादी और हिन्दूवादी संगठन है या जातिवादी संगठन है ? क्या कारण है कि संघ के सारे संघप्रमुख ब्राह्मण जाति के ही हैं, सिर्फ एक राजेन्द्र सिंह उर्फ रज्जू भैया को छोड़कर, जो कि ठाकुर बिरादरी के थे।

24. RSS के कट्टर जातिवादी नेताओ ने 1925 से 1947 तक देश की आजादी के आन्दोलन का समर्थन क्यों नहीं किया? वे आजादी के आन्दोलन के विरोधी और ब्रिटिश शासन के प्रखर समर्थक 1947 तक क्यों बने रहे?

25.संघ राष्ट्रवादी संगठन है या जातिवादी संगठन है ? संघ में महत्वपूर्ण पदों पर ब्राह्मण जाति का वर्चस्व क्यों है ?

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