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नीतीश-बीजेपी के सत्तालोलुप गठजोड़ से नाराज, शरद यादव बना सकते हैं नई पार्टी

नई दिल्ली/पटना। नेशनल जनमत ब्यूरो 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठजोड़ करने से जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव नाराज चल रहे हैं। इस बारे में शरद यादव अपनी रणनीति का खुलासा करने से भले ही बच रहे हों लेकिन उनके खेमे से जुड़े लोगों की तरफ से बार-बार इस तरह के संकेत आ रहे हैं कि शरद यादव नई पार्टी बना सकते हैं।

इसी गतिरोध और अटकलों के बीच समाजवादी नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य विजय वर्मा ने शरद के नई पार्टी बनाकर गठबंधन में बने रहने के संकेत दिए हैं.

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केसी त्यागी ने कहा अफवाह है- 

शरद यादव के विश्वस्त माने जाने वाले और दो बार बिहार विधान परिषद सदस्य रहे विजय वर्मा ने शरद के महागठबंधन में बने रहने के लिए एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं, पर जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने इसे अफवाह बताया है.

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने शरद की नाराजगी को बुधवार को खारिज कर दिया. लेकिन वर्मा ने मधेपुरा से फोन पर कहा कि शरद यादव पुराने साथियों के संपर्क में हैं और राजनीतिक हालात पर विचार कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नए दल का गठन एक विकल्प है और उस पर संजीदगी से विचार किया जा रहा है.

वर्मा ने दावा किया कि शरद जी ने जोर देकर कहा है कि वे धर्मनिरपेक्ष शक्ति वाले महागठबंधन में बने रहेंगे और इसी को जेहन रखते हुए वे कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे.

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उन्होंने कहा कि शरद जी ने राजग सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल होने से इंकार किया है. यह पूछे जाने पर कि अन्य किन किन लोगों से शरद यादव की बातचीत हुई है, वर्मा ने नाम का खुलासा करने से इंकार करते हुए कहा कि उनका सोशल नेटवर्क बहुत बडा है.

होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई की एफआईआर पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के जनता के बीच स्पष्टीकरण नहीं देने पर नीतीश ने भाजपा और उसके अन्य सहयोगी दलों के साथ प्रदेश में नई सरकार बना लेने पर चुप्पी साधे रहने के बाद जदयू के राज्यसभा सदस्य शरद यादव ने इसको लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जताई है.

गत 31 जुलाई को संसद के बाहर शरद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि जनादेश इसके लिए नहीं था और महागठबंधन के बिखरने को अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.

जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने फोन पर बातचीत करते हुए इसे अफवाह बताया और कहा कि उन्होंने भाजपा के साथ हाथ मिलाने पर आश्चर्य व्यक्त किया है पर कभी नहीं कहा कि मेरा विरोध है.

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त्यागी ने कहा कि उन्होंने शरद जी को पिछले 40 सालों से बहुत करीब से देखा है और जानते हैं कि भ्रष्टाचार को लेकर वे लालू प्रसाद से अलग हुए थे, ऐसे में वे कैसे लालू के साथ कैसे जा सकते हैं.

जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने शरद के पार्टी से नाराज होने की मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि सावन का महीना है, इसके बाद भादो और शरद आता है. कोई नाराजगी नहीं.

जदयू के दो सांसदों अली अनवर और विरेंद्र कुमार ने शरद से मुलाकात की थी. दोनों ने भाजपा के साथ जाने के निर्णय का विरोध किया था.

नीतीश का कहना है प्रदेश इकाई के फैसले का सम्मान किया- 

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनकी पार्टी के भाजपा से हाथ मिला लेने से शरद के अशांत होने के बारे में पूछे जाने पर गत सोमवार को कहा था कि यह जरूरी नहीं सभी मुद्दे पर हर कोई राजी हो. किसी की अलग राय हो सकती है. महागठबंधन से अलग होने का निर्णय जदयू की प्रदेश इकाई ने लिया है जिसका उन्हें पालन करना था.

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उन्होंने कहा था कि जदयू केवल बिहार में एक क्षेत्रीय दल के तौर पर निबंधित है और उनके लिए पार्टी की प्रदेश इकाई के निर्णय के खिलाफ जाना उनके लिए संभव नहीं था.

नीतीश ने कहा था कि आगामी 19 अगस्त को जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना में बुलाई गई है और उसमें इसको रखा जाएगा.

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने महागठबंधन बिखराव के लिए नीतीश पर प्रहार करते हुए शरद यादव को अपनी पार्टी की आगामी 27 अगस्त को पटना में आयोजित भाजपा हटाओ, देश बचाओ रैली में शामिल होने का न्योता दिया है और सांप्रदायिक शक्तियों को परास्त करने के लिए देश भ्रमण करने की अपील की है.

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