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नीतीशराज: आज से आरा- छपरा के बीच की दूरी 160 से घटकर 25 किमी हो जाएगी

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

बिहार में रविवार का दिन नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के गठबंधन के लिए ऐतिहासिक दिन होगा. रविवार से आरा-छपरा पुल यानि वीर कुंवर सिंह सेतु आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा. इस पुल के शुरू होने से आरा और छपरा के बीच की दूरी 160 किमी से घटकर  160 से घटकर 25 किमी हो जाएगी.

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बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अपने फेसबुक पर लिखते हैं –

 बिहार की विकास गाथा में मुख्यमंत्री जी और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद जी की उपस्थिति में एक नया अध्याय लिखा जाएगा।

आरा-छपरा पुल पर कल 11 जून से वाहन दौड़ने लगेंगे।

कहां से कहां    वर्तमान दूरी    बाद की दूरी            बचत

आरा-छपरा               160Km       25 कि.मी.            135 कि.मी

आरा-सिवान               200 Km     85 कि.मी.             115 कि.मी

आरा-गोपालगंज          240 Km    120 कि.मी           120 कि.मी

आरा-बेतिया                 260 Km    150 कि.मी           110 कि.मी

आरा-मोतिहारी                210 Km     120 कि.मी        90 कि.मी

आरा-मुजफ्फरपुर             125 Km     85 कि.मी        40 कि.मी

आरा-हाजीपुर                      90 Km    65 कि.मी.       25 कि.मी.

आरा-सीतामढ़ी                   190 Km   105 कि.मी.      85 कि.मी.

आरा-शिवहर                      180 Km   95 कि.मी.       85 कि.मी.

आरा-रक्सौल बीरगंज बार्डर  240 km    150कि.मी.      90 Km

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आरा से उक्त जिलों की दूरियों में जितनी कमी हो रही है। लगभग उतनी ही कम सासाराम, भभुआ से उक्त जिलों की दूरी कम हो जाएगी। जिससे बिहार के पश्चिमी भाग में बसे जिलों में आपस की दूरियां काफी सिमट जाएगी। इतना ही नहीं बिहार में गंगा नदी के दक्षिण बसे पश्चिमी जिलों का जुड़ाव उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिले बलिया, देवरिया, गोरखपुर, महाराजगंज, मउ व गाजीपुर से बड़ा आसानी से हो जाएगा। जो दोनों राज्यों के समूचे भोजपुरी भाषी जिलों को एक सूत्र में बांधने का काम करेगा.

बिहार के पश्चिम और उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों का संबंध बढ़ेगा- 

बिहार के पश्चिमी व उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों का संबंध और गहरा इसलिए हो जाएगा क्योंकि इन जिलों में पहले से ही रीति-रिवाज, रहन-सहन, बोली भाषा, शादी-ब्याह, जातिगत-सरोकार, लोक संस्कृति व खेती गृहस्थी का तानाबाना एक रंग में रंगा हुआ है। ऐसे में आरा-छपरा का यह पुल दोनों राज्यों के बंधुत्व-संस्कृति को एक नई पहचान दिलाने में सक्षम होगा। गंगा व सरयू के पार-वार की बाधा खत्म हो जाएगी। नये रिश्तों की भरमार होगी। कृषि व व्यापार की संभावनाएं बढ़ेगी.

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भोजपुर-बक्सर-छपरा- बलिया की सूरत बदलेगी- 

भोजपुर, बक्सर, छपरा व बलिया जिले की सूरत बदलेगी. भौगोलिक रूप से अलग-अलग, नीरस व वीरान सा लगने वाले क्षेत्रों में एक नई रौनक आएगी।  गांवों को आपस में जोड़ने वाले संपर्क पथों का विकास तेज होगा. बिजली की रौशनी से महरूम रहे क्षेत्र बिजली से चकाचौंध होगा। अच्छे स्कूलों में जाकर पढ़ाई तथा शहर में जाकर दवाई कराना दुर्लभ काम नहीं रह जाएगा। आरा-छपरा का यह पुल सिर्फ आवागमन का एक पुल नहीं, अपितु दो राज्यों के कई जिलों व एक देश नेपाल से विभिन्न रूपों में जोड़ने वाला एक सेतु सिद्ध होगा। जो जीवन संस्कृतियों को एक नया आयाम देगा.

कार्ड में आरजेडी ने दिखाया बड़ा दिल- 

पुल उद्घाटन का जो कार्ड बनवाया गया है. उसमें सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर है.जबकि कार्यक्रम में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसदा यादव उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी शानिल रहेंगे. लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो कार्ड गठबंधन के लिहाज से अच्छे संकेत देने वाला है.

 

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