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नीतीश ने लगाया मीडिया अटकलों पर विराम, बताया पीएम भोज में क्यों हुए शामिल

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को पीएम नरेन्द्र मोदी के भोज में शामिल होने पहुंचे. इसको लेकर कॉरपोरेट मीडिया में तमाम तरह के कयास लगने शुरू हो गए. लेकिन हकीकत ये है कि सीएम नीतीश कुमार इस भोज में प्रधानमंत्री की वजह से नही बल्कि किसी और खास मेहमान की वजह से शामिल हुए थे.

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तकरीबन सभी मीडिया संस्थानों ने इस खबर को ऐसे परोसा मानो नीतीश कुमार प्रधानमंत्री से मुलाकात करने के बाद बीजेपी में शामिल होने की घोषणा करने जा रहे हों. बेवजह इस खबर को हाइप दी गई. खैर नीतीश कुमार ने अपने दिल्ली आने की वजह खुद बताई.

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मॉरीशस के प्रतिनिधि आने पर बिहार के सीएम को बुलाने की परम्परा है- 

नीतीश ने अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि यूपीए के समय से ही मॉरीशस के प्रधानमंत्री हों या जापान के प्रधानमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें निमंत्रण दिए जाने की परंपरा रही है. मॉरीशस के साथ बिहार का भावनात्मक लगाव है. वहां की 52 प्रतिशत आबादी का मूल बिहार है. अभी के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ भी बिहार मूल के हैं. इसलिए मेरा इस भोज में आना स्वाभाविक ही था.

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मॉरीशस का क्या है बिहार कनेक्शन- 

भारत की यात्रा पर आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में आयोजित भोज में नीतीश कुमार के शामिल होने के पीछे मॉरीशस का बिहार कनेक्शन है. मॉरीशस और बिहार का बहुत गहरा नाता है। मॉरीशस को औपनिवेशिक शासन से आज़ादी दिलाने में भारतीय मूल के सर शिवसागर रामगुलाम ने अगुआई की थी. जिनको वहां राष्ट्रपिता कहा जाता है. आज भी वहाँ हिन्दी और भोजपुरी का प्रचलन देखकर आपको विदेशी जमीनन पर अपनी मिट्टी की महक आएगी. मॉरीशस की आधे से ज्यादा आबादी बिहार मूल की है.

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