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नीतीश के सोनिया भोज में न आने से बेवजह खुश है मीडिया, शरद होंगे शामिल

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल

बिहार के महागठबंधन से जितनी दिक्कत बीजेपी और उसके सहयोगियों को है, तकरीबन उतनी ही तकलीफ कॉरपोरेट मीडिया में बैठे जाति दुराग्रह से भरे संपादकों को भी है. इसी तकलीफ को कम करने के लिए वो ऐसी खबर की तलाश में रहते हैं जिसमें उन्हें किसी भी बहाने महागठबंधन की दरार दिखाने को मिल जाए.

फिलहाल मीडिया इस बात पर खुश है कि नीतीश कुमार 26 मई को सोनिया द्वारा दिल्ली में आयोजित भोज में शामिल नहीं होंगे. जबकि हकीकत ये है कि जेडीयू की तरफ से इस भोज में वरिष्ठ नेता और सांसद शरद यादव अगुवाई करेंगे.

जेडीयू से शरद यादव रहेंगे तो महागठबंधन में दरार कैसे-

मुकेश अंबानी और अन्य बीजपी समर्थित कॉरपोरेट मीडिया इस खबर को तूल दे रहा है कि सोनिया गांधी के राष्ट्रपति चुनावों को लेकर आयोजित भोज में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं आ रहे हैं. जबकि हकीकत ये है कि इस मीटिंग में नीतीश कुमार अपनी व्यस्तताओं की वजह से शामिल नहीं हो रहे हैं लेकिन उनकी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शरद यादव इस भोज में शामिल होंगे. जब जेडीयू की तरफ से उनके बड़े नेता शामिल हो रहे हैं तो इस बात का महागठबंधन से क्या संबंध.

विपक्ष की तरफ से शरद यादव का नाम हो सकता है आगे-

विपक्ष की तरफ से नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदारों में से माना जा रहा है. ऐसे में मीटिंग प्रधानमंत्री पद को लेकर होती तो नीतीश का ना आना वाकई बड़ी खबर थी. लेकिन राष्ट्रपति चुनावों को लेकर शरद यादव का नाम सामने किया जा रहा है ऐसे में शरद यादव का मीटिंग में शामिल होना हर लिहाज से बेहतर निर्णय है.

राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर होगा मंथन-

राष्ट्रपति चुनाव के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने के लिए विपक्षी दलों के मंथन के क्रम में ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर, शरद यादव, लालू प्रसाद यादव, मायावती, अखिलेश यादव समेत एनडीए विरोध दलों को एकजुट करने के लिए ये भोज बुलाया है. इससे 2019 के लिए मजबूत और एकजुट विपक्ष की नींव को भी मजबूती मिलेगी.

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