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‘नोटबंदी मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला, 2 तरह के नोट छपे, एक से BJP चल रही है, एक से सरकार’

नई दिल्‍ली। नेशनल  जनमत ब्यूरो 

नोटबंदी को देश की तकदीर बदलने वाली योजना बताने वाली मोदी सरकार आज उसकी चर्चा तक नहीं करना चाहती। शायद सरकार को समझ आ गया है कि उनकी नाकामयाबी जनता तक पहुंच चुकी है।

इस बीच आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का कहना है कि नोटबंदी के बाद क्या हासिल हुआ, कितना पैसा बैंकों में जमा हुआ इसकी जानकारी अभी नहीं हो पाई है नोट की गिनती अभी चल रही है।

ऐसे में संसद के उच्च सदन राज्यसभा में नोटबंदी को मोदी सरकार का सबसे बड़ा घोटाला बताते हुए जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्‍बल ने राज्‍यसभा में 500 के नोटों की फोटो  कॉपी दिखाकर मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

कपिल सिब्‍बल ने राज्‍यसभा में 500 के नोटों की फोटो कॉपी दिखाते हुए कहा, ‘उन्हें पता चल गया है कि सरकार ने नोटबंदी क्यों की। सिब्बल ने कहा’ ‘रिजर्व बैंक दो तरह के नोट छाप रहा है, अलग-अलग साइज के, अलग-अलग डिजाइन के, अलग-अलग फीचर्स के। उन्होंने कहा, ‘आज हमें पता चला है कि ऐसा क्यों हो रहा है? जो नोट बीजेपी कार्यकर्ता के पास इलेक्शन के दौरान आए, वो यही नोट हैं।’

सदी का सबसे बड़ा घोटाला-  

सिब्बल की ओर से यह आरोप लगाते ही सदन में मौजूद कांग्रेस पार्टी के तमाम सांसद शेम-शेम करने लगे। विपक्ष की ओर से नेता सदन गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह इस सदी का सबसे बड़ा घोटाला है। दो हजार और पांच सौ के नोट दो किस्म के छापे गए हैं। आजाद ने कहा, ‘इतनी भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।’

एक पार्टी के लिए और दूसरा सरकार के लिए। आजाद ने कहा, ‘इतनी भ्रष्ट सरकार को पांच मिनट भी सत्ता में रहने का हक नहीं है।’सिब्बल के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद और जेडीयू नेता शरद यादव ने भी इस मुद्दे को सदन में उठाया।

इसके जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद बयान दे रही है। जेटली ने कहा कि आप इस तरह राज्यसभा में कागज नहीं लहरा सकते हैं, देश की करेंसी के बारे में इस तरह बयान नहीं दे सकते हैं।

प्रेस कांफ्रेंस भी की- 

कपिल सिब्बल ने इस मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि देश को इसका सच पता लगना चाहिए, अगर आरबीआई ये जानता है कि देश में एक ही नंबर के दो नोट हैं तो उन्होंने इसका जिक्र अपनी वेबसाइट पर क्यों नहीं किया है। वित्त मंत्रालय को सिर्फ एक ही तरह के नोटों की व्यवस्था करनी चाहिए। अगर आरबीआई कहता है कि हम इन्हें वापस लेंगे, तो क्या देश को एक बार फिर लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा।

इस पर जेडी(यू) सांसद शरद यादव ने कांग्रेसी नेताओं का समर्थन करते कहा कि यह कोई छोटी बात नहीं है। सरकार को जवाब देना होगा। इस पर उपसभापति ने कहा कि वह इस मामले के एक्सपर्ट नहीं हैं। इसलिए सांसदों को अलग से नोटिस देना होगा, तभी इस मुद्दे पर कोई चर्चा हो सकती है।

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