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नोटबंदी की साजिश सफल: UP चुनाव में BJP के 32 हेलीकॉप्टर्स के मुकाबले, SP+BSP+कांग्रेस के 5 हेलीकॉप्टर थे

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

नोटबंदी जैसे बेतुके फैसले पर बात करने से अब बीजेपी के नेता भी कतराने लगे हैं। सिवाए छद्म ज्ञान के किसी भी भाजपाई, संघी या इस मानसिकता के गुलाम किसी व्यक्ति के पास नोटबंदी से जुड़े कोई तथ्यात्मक आंकड़े नहीं हैं। लेकिन हैरत की बात तो देखिए मोदी भक्त, नासमझ लोगों को आज भी इस मुगालते में डाले हैं कि नोटबंदी से सारा कालाधन सरकार के पास पहुंच गया है।

नासमझी का आलम ये है कि खुद बेरोजगार बैठा आदमी अपने रोजगार और देश में तेजी से घटते रोजगार की चिंता छोड़ नोटबंदी को बीजेपी की भाषा में आंतकवादियों, धन्ना सेठों, नक्सलियों और काले धन वालो पर हमला बता रहा है।

वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक चिंतक दिलीप मंडल का ये विश्लेषण ऐसी ही नासमझ देशप्रेमियों के लिए है जो देशप्रेम का मतलब मोदी भक्ति समझते हैं-

नोटबंदी अपने उद्देश्यों में सफल रही है. यूपी चुनाव में बीजेपी के 32 हेलीकॉप्टर्स के मुकाबले सपा+बसपा+कांग्रेस के 5 हेलीकॉप्टर थे. बीजेपी ने बाकी दलों से दस गुने से भी ज्यादा खर्च किया. और क्या चाहिए?

दो लोकसभा चुनावों के बीच सबसे बड़ा चुनाव यूपी का विधानसभा चुनाव ही होता है. बीजेपी की रणनीति कामयाब रही. यूपी का हर आदमी जानता है कि सपा और बसपा ने कंगालों की तरह यह चुनाव लड़ा. पैसा रहा होगा, लेकिन बैंक से निकालने की लिमिट लगी हुई थी. वहीं, बीजेपी तैयारी करके बैठी थी.

अब इस चक्कर में कई लोग लाइनों में मर गए तो बीजेपी क्या करे. आदमी की जिंदगी की बीजेपी की नजर में क्या औकात है, यह आप गुजरात से लेकर गोरखपुर तक में देख चुके हैं.

बीजेपी ने नोटबंदी की तैयारी कर ली थी. बीजेपी के नेता कहीं-कहीं नए नोटों के बंडल के साथ पकड़े भी गए. यह लोकल पुलिस वालों की बेवकूफी से हुआ. बीजेपी नेताओं तक नए नोट पहुंचा दिए गए थे. बीजेपी ने अपना काफी पेमेंट एडवांस भी कर लिया था.

बाकी दल इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे. उनके नेताओं के पास जो पैसा बैंक में था भी, वह रकम निकालने की पाबंदियों के कारण रखा रह गया. सपा और बसपा को कंगाल करके बीजेपी ने बाजी मार ली.

बीजेपी की रणनीति को राजनीति के नजरिए से मत देखिए. समझ में नहीं आएगा. इसे अपराधशास्त्र के नजरिए से देखिए.
बीजेपी की कमान खांटी अपराधियों के हाथों में हैं. यह आडवाणी और वाजपेयी की बीजेपी नहीं है.

यूपी चुनाव के अगले दिन बैंकों से रकम निकालने की पाबंदी हट गई. तारीख गूगल करके चेक कर लीजिए. नोटबंदी यूपी चुनाव के लिए की गई थी. काम पूरा होते ही नोटबंदी खत्म. आप लोग इसका आर्थिक विश्लेषण कर रहे हैं. जबकि यह राजनीतिक फैसला था.

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