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मध्य प्रदेश में मेरिट की खरीद फरोख्त-200 में से 7 गोले भरे, नंबर आए 183

भोपाल। नेशनल जनमत डेस्क

( मेडिकल कॉलेज इंदौर की 2010 बैच की छात्रा अंकिता शर्मा के पिता ने 18 लाख में खरीद ली मेरिट)

व्यापम यानि व्यवसायिक परीक्षा मंडल मध्य प्रदेश का एक और मेरिट घोटाला सामने आया है। ताजा मामला पीएमटी परीक्षा में गड़बड़ी करने का है। मामला तब सामने आया जब महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर की 2010 बैच की छात्रा अंकिता शर्मा को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने गिरफ्तार कर लिया। छात्रा ने पीएमटी में महज सात प्रश्न हल किए थे और उसकी 11वीं रैंक आई थी। इसके लिए छात्रा के पिता ने रैकेट के सरगना को 18 लाख रुपए दिए थे। फिलहाल पुलिस छात्रा से पूछताछ कर रही है ताकि रैकेट के कुछ और सदस्यों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस अब अंकिता के पिता विपिन शर्मा को भी गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही है।

एएसपी वीरेंद्र जैन के मुताबिक रैकेट के सदस्य गौरव भदौरिया ने पूछताछ के दौरान बताया था कि उसने व्यापमं में कर्मचारी बृजमोहन के जरिए वर्ष 2009 से 2012 तक कई छात्र-छात्राओं का गलत तरीके से प्री-पीजी और पीएमटी में सेलेक्शन कराया था। वह आंसर शीट के गोले व्यापमं के दफ्तर में ही काले करवाता था। गौरव ने बताया था कि वह भिंड नगर पालिका में ठेकेदारी करता था, इस दौरान उसका परिचय नगर पालिका भिंड के अकाउंटेंट विपिन शर्मा से हुआ।

विपिन की बेटी अंकिता पीएमटी की तैयारी कर रही थी। गौरव ने विपिन को बताया कि उसकी व्यापमं में पहचान है और वह 18 लाख रुपए में अंकिता का सेलेक्शन करवा देगा। अंकिता ने पूछताछ के दौरान बताया कि गौरव भदौरिया ने कहा था कि वह परीक्षा केंद्र जबलपुर भरे, ताकि वहां उसे कोई पहचान नहीं पाएगा। और न ही किसी को शंका होगी। उसका आसानी से चयन हो जाएगा।

आंसरशीट में सात गोले काले किए और आ गए 183 नंबर

अंकिता ने बताया कि पीएमटी देने से पहले उसके पिता विपिन शर्मा ने कहा था कि उसे जो प्रश्न आते हों उन्हें ही हल करे। बाकी गोले खाली छोड़ दे। इन्हें व्यापमं में ही काला किया जाएगा। अंकिता ने बताया कि उसने 200 में से केवल 07 गोले भरे थे और बाकी 193 खाली छोड़ दिए थे। जब रिजल्ट आया तो उसके 200 में से 183 नंबर आए और उसकी पीएमटी में 11वी रैंक आई।

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