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ज्यादा मेरिट वाले SC, ST, OBC का होना चाहिए सामान्य कोटे में चयन- एनसीपी

नागपुर। नेशनल जनमत ब्यूरो

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने मांग की है कि जिन छात्रों या अभ्यर्थियों के नम्बर जनरल केटेगेरी के छात्रों से ज्यादा हैं. उनका चयन सामान्य कैटेगरी में ही होना चाहिए. ऐसा ना होने पर सामान्य के लिए ओबीसी से भी ज्यादा आरक्षण यानि 50.5 प्रतिशत हो रहा है.

एनसीपी के एमएलसी प्रकाश गजभिये ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात की और शैक्षणिक संस्थाओं में मेधावी एससी, एसटी, ओबीसी, वीजेएनटी स्टुडेंट्स के लिए जनरल कैटगरी में सीटें देने की मांग की. गजभिये ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत तरह से लोगों के सामने पेश किया जा रहा है. हकीकत ये है कि ज्यादा मेरिट वाले छात्रों का चयन सामान्य कोटे में हो सकता है

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गजभिये के मुताबिक, केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और वीजेएनटी उम्मीदवारों के लिए शैक्षिक संस्थानों में योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियों और सीटों के मुद्दे पर उचित पक्ष नहीं रखा है. लोगों को भ्रम में रखा जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि आरक्षित श्रेणी का उम्मीदवार अगर उम्र संबंधी या अन्य किसी भी तरह से आरक्षण का लाभ नहीं ले रहा है तो उसका चयन सामान्य श्रेणी में मेरिट के आधार पर हो सकता है. लेकिन इसका गलत मतलब निकालते हुए राज्य में इस तरह के दावे किए जा रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है कि सामान्य श्रेणी के लिए पचास प्रतिशत सीटों को पूरी तरह से आरक्षित रखा जाए. और कोई भी ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग का व्यक्ति मेरिट के आधार पर भी ऐसी सीटों पर दावा नहीं कर सकता.

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