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अपना दल के किसान सम्मेलन में बोली पल्लवी पटेल, मोदी-योगी की सरकार में किसानों की बदहाली बढ़ी है

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

किसान हितैषी होने का दावा करने वाली केन्द्र और राज्य की बीजेपी सरकार आंदोलन कर रहे किसानों और युवाओं को अपनी पुलिस से बुरी तरह पिटवाती है, इसके बाद भी जब मन नहीं भरता तो उनको गोली मरवा देती है। कृषि प्रधान कहे जाने वाले देश के किसानों की दुर्दशा के जिम्मेदार शासन-प्रशासन में बैठे वे लोग हैं, जिनकी गलत नियत से किसान भुखमरी की स्थिति में पहुंचकर आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। उक्त बातें अपना दल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पल्लवी पटेल ने किसान सम्मेलन के दौरान कहीं।

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में अपना दल ने दो किसान सम्मेलन आयोजित किए। पहला सम्मेलन कटेहरी, सोसाइटी हाल में और दूसरा सम्मेलन अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में पलईरामनगर रामलीला मैदान में।

इस दौरान अपना दल की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती पल्लवी पटेल ने कहा कि यशकायी डा0 सोनेलाल पटेल ने अपना दल गठन के पश्चात लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों पर चलते हुए किसानों की तरक्की एवं खुशहाली के लिए अपना संघर्ष शुरू किया।

उन्होंने कहा कि डॉ. सोने लाल पटेल ने अपना दल गठने के बाद सरकारों से किसान आयोग का गठन, कृषि को उद्योग का दर्जा, किसानों की अधिग्रहीत भूमि का बाजार भाव से मुआवजा, पशुपालन की समस्या का निदान, छोटी-छोटी नदियों को आपस में जोड़कर चेकडैम बनाने, किसानों को निःशुल्क बिजली पानी, कीटनाशक दवाएं व लागत मूल्य पर खाद, बीज, कृषि यन्त्र उपलब्ध कराने जैसी मांगों के लिए संघर्ष किया।

सरकारें आती जाती गईं लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी किसानों के लिए कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं बन पाई है। जिससे देश के 76 प्रतिशत किसान विकास की दौड़ से काफी पीछे छूट गये हैं। इसका जिम्मेदार कौन है ? केन्द्र व प्रदेश की सरकारों ने देश के खजाने का पैसा, पूंजीपतियों, उद्योगपतियों, बड़े-बड़े सेठ साहूकारों को लुटाने का काम किया है।

मोदी जी के मित्र पैसा दबाकर बैठे हैं ?

2015 के बजट में मोदी सरकार ने 6 लाख करोड़ की राहत उद्योग जगत के कारोबारी मित्रों को प्रदान की है। इसके अलावा उद्योगपति देश की बैंकों का 10 हजार लाख करोड़ रूपया दबाकर बैठे हैं। जिसके कारण 30 प्रतिशत किसानों को देने के लिए बैंकों के पास ऋण ही नहीं है। जिस देश के विकास का रास्ता 6 लाख गांवों से होकर गुजरना चाहिए था, वहां किसान बदहाल जिंदगी जी रहे हैं। ऐसी किसान विरोधी सरकारों को सत्ता से उतार कर फेंकने की जिम्मेदारी आप सबकी है।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रवक्ता आरबी सिंह पटेल ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियां एवं बिचैलियों के कारण पैदावार के हिसाब से किसानों को उचित रेट नहीं मिल पाता जिससे यह सेक्टर कृषि उत्पादकता के साथ-साथ रोजगार को भी प्रभावित कर रहा हैं।

प्रदेश अध्यक्ष छोटेलाल मौर्य ने कहा कि जहां पर यह सम्मेलन हो रहा है इसी गांव ने आजादी के बाद पहला विधायक देकर समाज का गौरव बढ़ाया है, इस गांव के लोगों ने जो इतिहास रचा है उसे अपना दल पूरे प्रदेश में जाकर चर्चा करेगा। यहां के लोग धन्य हैं, जो किसान आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए जिम्मेदारी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा सामन्तवादी ताकतों, गुंडो, माफियाओं से डरने की जरूरत नही, मान-सम्मान-स्वाभिमान के लिये यदि हथियार उठाना पड़े तो किसानों को इसके लिए हिचकने की जरूरत नही।

प्रदेष महासचिव शकील आरफी ने कहा कि दल को बढ़ाने के लिए मिशन के रूप में काम करके गांव स्तर पर जाकर मजबूती प्रदान करना होगा। प्रत्येक बूथ में कमेटी गठन करना सुनिश्चित करना होगा।

इस दौरान संगठन प्रमुख आनन्द हीरा राम पटेल और रामकीर्ति पटेल आदि ने भी सम्बोधित किया। सम्मेलन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जय प्रकाश पटेल ने की।

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