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पंखुड़ी पाठक की सपा में वापसी का खुलकर विरोध कर रही है यादव सेना

लखनऊ। सोबरन कबीर

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सपा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक का इस्तीफा नामंजूर किए जाने की खबरें आने पर यादव सेना ने गहरी नाराजगी जताई है.
यादव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा है कि अखिलेश यादव  तीन फीसदी ब्राह्मणों को खुश करने  के लिए 85 फीसदी दलितो पिछड़ों को चोट पहुंचा रहे हैं. इतना ही नहीं वो अपने फ़ेसबुक पर साफ और तल्ख शब्दों में लिखते हैं की अगर पंखुडी पाठक वापस आई इसका मतलब साफ है अखिलेश यादव, यादव विरोधी हैं।

आमने -सामने हैं पंखुडी और यादव सेना–
आपको बता दें, पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश के यादव सेना नामक संगठन और पंखुड़ी पाठक के बीच काफी अनबन चल रही थी। बीते दिनों पंखुड़ी पाठक ने यादव सेना पर जातिवादी संगठन होने का आरोप लगाया था और सपा नेतृत्व पर यादव सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का दबाव डाला था. सपा नेतृत्व द्वारा जब यादव सेना पर एफआईआर की बात नही मानी गई तो पंखुड़ी पाठक ने सपा से इस्तीफे की पेशकश कर दी।

पंखुड़ी पाठक ने पार्टी से इस्तीफा देने की जानकारी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी थी. उन्होंने फेसबुक पर लिखा था की, ”बड़े ही दुख के साथ मैं समाजवादी पार्टी को छोड़ने का फैसला कर रही हूं. यह मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक है क्योंकि मेरे लिए यह पार्टी एक परिवार की तरह रही है.”

सपा नेतृत्व पर लगाये थे गम्भीर आरोप –
पंखुड़ी ने आरोप लगाते हुए लिखा था, “एक विशेष समुदाय के लोग विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही मुझे निशाना बना रहे हैं. मैं बहुत लंबे समय से इन लोगों को अनदेखा करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब सारी हदें पार हो चुकी हैं.”

समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पंखुड़ी ने कहा, “मेरा लगातार अपमान हो रहा था तब क्या पार्टी के किसी भी व्यक्ति को मेरा साथ नहीं देना चाहिए था? मेरी मदद मांगने के बाद भी पार्टी की तरफ़ से साथ नहीं मिला ।

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