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जयंत सिन्हा, BJP MP आर के सिन्हा, अमिताभ बच्चन समेत 714 भारतीयों के ‘कालेधन’ का खुलासा

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

पनामा पेपर्स कांड के बाद कालेधन और टैक्स चोरी को लेकर पैराडाइज दस्तावेज के रूप में बड़ा खुलासा हुआ है. इस खुलासे में देश के उन 714 ताकतवर लोगों के नाम सामने आए हैं जो टैक्स चोरी करने और काली कमाई छुपाने के लिए विदेशों में निवेश का सहारा लेते हैं।

इस खुलासे के मुताबिक, दुनिया भर के ताकतवर और अमीर लोग विदेशों में गुप्त तरीके से बड़े पैमाने पर निवेश करते हैं. पैराडाइज दस्तावेज विदेशों में कर बचाने के लिए किए गए निवेश या बैंकों में जमा संपत्ति की जांच से संबंधित हैं. इनमें भारत के कई कॉरपोरेट, अमीर और प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं.

इस खुलासे में केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा, बीजेपी के राज्यसभा सांसद और एशिया की सबसे बड़ी सिक्युरिटी कंपनी एसआईएस के मालिक आर के सिन्हा, अमिताभ बच्चन, भगोड़े शराब व्यवसायी विजय माल्या और कांग्रेस नेता अशोक सिंह गहलोत के नाम प्रमुखता से हैं।

96 मीडिया संस्थानों के संयुक्त संगठन का खुलासा- 

अमेरिका स्थित दुनिया के 96 मीडिया संस्थानों के संगठन इंटरनेशनल कंसोर्टियम आॅफ इनवेस्टीगेटिव जर्नलिस्ट (आईसीआईजे) ने 1.34 करोड़ दस्तावेज लीक किए हैं. इसी संगठन ने पिछले साल पनामा दस्तावेजों का खुलासा किया था जिसने दुनियाभर की राजनीति में तूफान पैदा किया था.

भारत से इंडियन एक्सप्रेस अखबार इस संगठन का हिस्सा है, जिसने अपनी वेबसाइट यह खबर छापी है. इन दस्तावेजों से पता चलता है कि दुनिया भर के ताकतवर और अमीर लोग टैक्स हैवेन देशों में गुप्त तरीके से निवेश करते हैं. आईसीआईजे ने इन दस्तावेजों को ‘पैराडाइज पेपर्स’ कहा है.

पत्रकारों के इस अंतरराष्ट्रीय संगठन ने बरमूडा और सिंगापुर स्थित फर्मों के दस्तावेज लीक किए हैं. इनमें 714 भारतीयों के नाम हैं. इनमें मोदी सरकार में मंत्री जयंत सिन्हा, भाजपा सांसद रवींद्र किशोर सिन्हा, अमिताभ बच्चन, संजय दत्त की पत्नी दिलनशीं दत्त, उद्योगपति विजय माल्या, कांग्रेस नेता अशोक गहलोत, डॉ अशोक सेठ, कोचिंग कंपनी फिट्जी, नीरा राडिया आदि के नाम सामने आए हैं.

पीएम मोदी और ओमिदयार नेटवर्क- 

रिपोर्ट में ओमिदयार नेटवर्क का जिक्र है, जिससे केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिन्हा भी जुड़े थे. इस खुलासे के बाद पत्रकार रवीश कुमार ने PANDO.COM की रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि ‘ओमेदियार नेटवर्क मोदी की जीत के लिए काम कर रहा था.

2009 में ओमेदियार नेटवर्क ने भारत में सबसे अधिक निवेश किया, इस निवेश में इसके निदेशक जयंत सिन्हा की बड़ी भूमिका थी.
2013 में जयंत सिन्हा ने इस्तीफा देकर मोदी के विजय अभियान में शामिल होने का एलान कर दिया. जब मोदी जीते थे तब ओमेदियार नेटवर्क ने ट्वीट कर बधाई दी थी.’

जयंत की सफाई- 

कर से बचने के लिए कर पनाहगाह वाले देशों से संबंधित, लीक हुए पैराडाइज दस्तावेजों में केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का नाम आने पर उन्होंने कहा कि किसी भी निजी उद्देश्य से कोई लेनदेन नहीं किया गया.

पैराडाइज दस्तावेजों की जांच पर आधारित रिपोर्ट के अनुसार सिन्हा भारत में ओमिदयार नेटवर्क के प्रबंध निदेशक रहे हैं और ओमिदयार नेटवर्क ने अमेरिकी कंपनी डी. लाइट डिजाइन में निवेश किया था. डी. लाइट डिजाइन की केमैन द्वीप में अनुषंगी कंपनी है.

सिन्हा ने आज ट्वीटों की एक श्रृंखला में कहा कि लेनदेन वैध और प्रमाणिक हैं. नागर विमानन राज्य मंत्री सिन्हा ने कहा कि मेरी जिम्मेदार भूमिका में यह लेनदेन दुनिया के प्रतिष्ठित संगठनों की ओर से किए गए और यह कार्य ओमिदयार नेटवर्क में सहयोगी और इसकी ओर से डी. लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल में नामित प्रतिनिधि के तौर पर किए गए.

सिन्हा ने कहा, ओमिदयार नेटवर्क को छोड़ने के बाद मुझसे डी. लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक बने रहने के लिए कहा गया था. केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने के बाद मैंने डी. लाइट डिजाइन के निदेशक मंडल से तत्काल इस्तीफा दे दिया था और कंपनी से अपने संबंध तोड़ दिए थे.

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