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‘बाजारू राष्ट्रवादियों’ का नया स्यापा, देखो देशद्रोही पटाखे चला रहे हैं

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है तो भारतीय मीडिया और बाजारू राष्ट्रवादी इस खेल को खेल न रहने देकर इसे युद्ध की संज्ञा दे देते हैं. इसके अलावा न्यूज चैनलों पर भविष्यवाणी करने वाले कुछ पाखंडी लोगों को भी बुलाकर भारतीय जनमानस में भाग्यवाद और पाखंड का बीज बोया जाता है.

चैम्पियंस ट्रॉफी में आज पाकिस्तान के हाथों भारत की शर्मनाक हार पर चैनलों पर बैठने वाले पाखंडी भविष्य वक्ताओं को जबाब जरूर देना चाहिए जो ये कह रहे थे आज विराट की कुंडली में जीत का योग है. इतना ही नहीं अब जब उनका ड्रामा नहीं चल पाया तो सोशल मीडिया से लेकर हर जगह माहौल बनाया जा रहा है कि देखो पाकिस्तान समर्थित मुस्लिम पटाखे चला रहे हैं. जबकि हकीकत ये है कि देश को तोड़ने वाले और पटाखों की गंध सूंघने वाले ही देश के असली गद्दार हैं.

इसको लेकर सोशल मीडिया पर आई प्रतिक्रिया-

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल लिखते हैं-

संघी इतने कमीने हैं कि भारत की क्रिकेट में हार का भी राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। ये मूर्ति को दूध पिलाने वाले लोग हैं। अभी इनके Call centers पटाखा थ्योरी चलाने में जुटे हैं। आज जो भी पटाखा सूंघ रहे हैं, उन्हें पहचान लीजिए। वे पक्के देशद्रोही हैं।

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अनुराग वर्मा लिखते हैं- 

पटाखे नहीं फूट रहे कुछ लोगों के कान बज रहे है। अब शादी ब्याह में फूट रहे पटाखे भी कुछ लोगों को मुस्लिम नजर आ रहे है तो कोई क्या कर सकता है। यही अंडर प्रेशर ही सबसे बड़ा कारण है आज टीम के हारने का।पहले से ही ऐसा माहौल बना दिया जाता है की अच्छा भला खिलाड़ी भी सही से नहीं खेल पाता।और रही बात पाकिस्तान की तो वह पहला मैच हारकर इतना गली और बेज्जती बर्दाश्त कर चुकी थी की वह कहीं से भी प्रेशर में नहीं थी इसलिये स्वाभाविक रूप से अच्छा खेली और जीती।

वीरेन्द्र यादव – 

यह तो होना ही था वो प्ले ग्राउंड पर गोमूत्र नहीं छिड़क​ने दिए थे जो।– भक्त उवाच।

दिलीप कुमार- 

दिलीप कुमार खेल को खेल की भावना से देखिये खेल में हार -जीत तो होती रहती है ! अगर इतना दुख और गुस्सा देश में मर रहे अन्नदाताओं,किसानों , वंचितो, बेरोजगारों, महिलाओं और प्रजातन्त्र को बचाने लिये करें तो देश के प्रति वास्तव में चिंता होगी.

रवि भूषण-

पाकिस्तान से क्रिकेट मैच हारने से पहले कितनों को पता था
कि भारत-पाक के बीच कोई हॉकी मैच भी चल रहा है.

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ओमप्रकाश चौधरी
भारतीय हॉकी टीम में 98% खिलाड़ी कमेरे वर्ग के है और भारतीय क्रिकेट में 98% ब्राह्मण बनिये ठाकुर ?

प्राशु यादव- 
उन भक्तों के लिए भी २ मिनट का मौन जो मैच को भी युद्ध समझ बैठे थें|

वरिष्ठ लेखक एचएल दुसाध-

क्या हॉकी टीम के लिए राष्ट्रवादियों ने हिन्दू भगवानों की फ़ौज से कुछ माँगा था?शायद नहीं!लेकिन हॉकी टीम पाक को शायद ७-१ से मात देने में सफल हो गयी है.इस सफलता को दैवीय चमत्कार या मानव जिजीविषा का परिणाम कहेंगे!

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