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हार्दिक पटेल की अगुवाई में पाटीदार किसानों की हत्या के विरोध में मंदसौर में किसान महापंचायत आज

नई दिल्ली/भोपाल। नेशनल जनमत ब्यूरो 

मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के दौरान मारे गए पाटीदार किसानों की याद में  मंदसौर जिले के नारायणगढ़ कस्बे में पाटीदार समाज के तत्वावधान में रविवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में ’06 जून-06 किसान’ का स्मरण कर किसानो के हक के लिए अपनी जान देने वाले मृतको को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस आंदोलन की अगुवाई पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक पटेल करेंगे।

महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे पादीदार समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार ने बताया कि हार्दिक पटेल 16 जुलाई को ग्राम बालागुड़ा में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे। 11 बजे से शुरू होने वाली किसान महापंचायत के मुख्य वक्ता के रूप में बिहार के सीएम नीतीश कुमार के प्रतिनिधि के रूप में जनता दल यूनाइटेड के व पटेल नवनिर्माण सेना के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार होंगे।

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पादीदार समाज का आंदोलन- 

पाटीदार समाज इस आंदोलन को आगे बढ़ा रहा है, समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार ने जिले के गांव- गांव जाकर महापंचायत को सफल बनाने के लिए जनसम्पर्क किया है। हार्दिक किसानों की 11 मांगो को समर्थन देने के लिए मंदसौर पहुंचेगे। प्रशासन ने नारायणगढ़ में महापंचायत का आयोजन करने के लिए आयोजको को स्वीकृति दे दी है।

राजनीति में पाटीदार समाज की हिस्सेदारी- 

किसान महापंचायत का एजेंडा किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले, कर्जामाफ हो व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराना है। इसके अलावा किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली से मारे गए किसानों के परिजनों की मांग पूरी कराना है। पादीदार समाज के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार ने इस बात को स्वीकार किया कि प्रदेश की राजनीति में पाटीदार समाज की अहम भूमिका रहे, इसके लिए भी हम प्रयास कर रहे है। हालांकि उन्होंने कहा कि किसान महापंचायत में सभी वर्गों के किसानों की भागीदारी होगी।

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यह है 11 सूत्रीय मांगे

– फसलो के भाव लागत से 50 प्रतिशत ऊपर दिए जाएं, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।

– किसानो का कर्जा माफ किया जाए।

– फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर समर्थन मूल्य पर ही खरीदा जाए।

– सभी प्रकार की सब्जियो का समर्थन मूल्य घोषित किया जाए।

– देश की सभी मंडियो में फसलो को समर्थन मूल्य से कम खरीद करने पर अपराध घोषित किया जाए, इसके लिए कठोर कानून बनाया जाए।

– दूध का न्यूनतम मूल्य 50 रुपए प्रति लीटर तय किया जाए।

– किसानो को 10 लाख तक सस्ते ऋण दिए जाएं।

– खेती और पशुपालन में काम आने वाले सभी मशीनो व यंत्रो पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाए।

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– नदियों का आपस में जोडऩे का काम व्यापक स्तर पर शुरुकर 5 वर्षो में पूरा किया जाए।

– देश में पैदा होने वाली सभी फसलो का निर्यात बिना किसी शुल्क के किसान कर सके ऐसा नियम बनाया जाए इसमें निर्यात पांबदी नहीं होना चाहिए।

– खेती व पशुपालन को उद्योग का दर्जा देकर उद्योग के समान ही सुविधा दी जाए।

नारायणगढ़ किसान सम्मेलन में भाग लेंगे अफीम किसान-

किसान सम्मेलन में अफीम उत्पादक किसान भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। वे लंबे समय से विभिन्न मांगो को लेकर विभिन्न फोरम पर अपनी बात रखते आ रहे है। युवा संगठन प्रभारी योगेश जोशी ने बताया कि आयोजन में पूर्व में घटिया और प्राकृतिक आपदा वर्ष 2013-14 में काटे गए पट्टो को शून्य औसत पर देने संबंधी मांगों पर चर्चा होगी।

जेडीयू व पीएनएस के महासचिव अखिलेश कटियार के अनुसार- 

पटेल नवनिर्माण सेना व जनता दल यू के राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार ने कहा कि हार्दिक पटेल किसानों की हक की लड़ाई लडने, किसान आंदोलन के दौरान मंदसौर में जिन 6 किसानों की मौत हुई है उन किसानों को गोली मारने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग करने और घायलों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग लेकर आ रहे हैं.

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अखिलेश कटियार ने बताया कि इसके अलावा आंदोलन के दौरान जिन किसानो के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लेने जैसी मांग भी रखी जाएगी। आज हर वस्तु के दाम कई गुना बढ़े हैं और किसानों की कृषि उपज के दाम 10 गुना घट गए हैं। किसानों को उनकी उपज की लागत का कम से कम डेढ़ गुना दाम मिले, यह हमारी प्रमुख मांग है। महापंचायत में हम यही बात रखेंगे। हम किसानों के हक की लड़ाई लड़ेंगे। मध्यप्रदेश में हार्दिक का राजनीति करने का उनका कोई इरादा नहीं है वो तो यहां अपने किसान भाईयों के बुलावे पर आ रहे हैं।

 

 

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