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लखनऊ: सामाजिक चिंतक PCS डॉ. राकेश पटेल की पुस्तक विमोचन में, 17 को होगा बुद्धिजीवियों का जुटान

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उत्तर प्रदेश में पीसीएस अधिकारी राकेश पटेल (राकेश कबीर) सामाजिक न्याय की विचारधारा के लेखक व रचनाकार हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों का उम्दा तरीके से निर्वहन करते हुए वक्त निकालकर अपने अंदर के लेखक और कवि मन को शब्दों में उकेरते रहते हैं।

विभिन्न समसामयिक विषयों पर लिखा उनका कविता संग्रह ‘नदियां बहती रहेंगी’ विमोचन के लिए तैयार है। आगामी 17 दिसंबर को लखनऊ के निशातगंज स्थित कैफी आजमी सभागार में लेखकों, कवियों, पत्रकारों और तमाम बुद्धिजीवियों की मौजूदगी पर इस पुस्तक का विमोचन किया जाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन ‘गांव के लोग सोशल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट’ के तत्वाधान में होगा। विमोचन समारोह में वरिष्ठ लेखक एवं रचनाकारों का सानिध्य रहेगा।

जिनमें मूलचंद्र सोनकर, राकेश, नरेश सक्सेना, शिवमूर्ति, स्वप्निल श्रीवास्तव, कौशल किशोर, सुभाष राय, सुभाष चंद्र कुशवाहा, डॉ. रामकठिन सिंह के नाम प्रमुख हैं।

कार्यक्रम के संयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहीं अपर्णा, रामजी यादव व नीलाभ श्रीवास्तव निभाएंगे के अनुसार 17 दिसंबर रविवार को शाम 3 से 6 बजे के बीच आयोजित कार्यक्रम में विमोचन के साथ ही लेखन की चुनौतियों पर चर्चा भी होगी.

कौन हैं राकेश कबीर- 

डॉ॰ राकेश कबीर (राकेश कुमार पटेल ) युवा कवि और कहानीकार हैं । उनकी कविताएँ , लेख और कहानियाँ हिन्दी और अंग्रेज़ी की अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित और चर्चित होती रही हैं। उनकी कविताओं में सामाजिक अन्याय , रूढ़िवाद और पाखंडों का जहां तीव्र विरोध मिलता है ,वहीं श्रमजीवी समाजों के संघर्षों के प्रति गहरा राग और विश्वास पाया जाता है।

उनका जन्म महाराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर एकडंगा गाँव के एक संघर्षशील किसान के घर हुआ। गोरखपुर विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने के बाद वे जवाहरलाल नेहरु विश्विद्यालय चले गए, जहाँ से उन्होंने ‘भारतीय सिनेमा में प्रवासी भारतीयों का चित्रण’ विषय पर एम. फिल और ‘ग्रामीण सामाजिक संरचना में निरंतरता एवं परिवर्तन’ विषय पर पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

सिनेमा, इतिहास, समाज और संस्कृति के विभिन्न आयामों पर गहरी दिलचस्पी रखनेवाले राकेश कबीर की प्रकाशित कृतियों में ‘नदियां बहती रहेंगी’ (कविता) और ‘खानाबदोश सफ़र’ (कहानी) हैं । वे उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा में हैं और फिलहाल सीतापुर के सिटी मजिस्ट्रेट हैं।

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