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केन्द्र की शिक्षा नीति से बेरोजगार हुए पीएचडी धारकों का अभियान ‘मोदी हटाओ-पीएचडी बचाओ’

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

ऐसा लगता है कि उच्च शिक्षा में दलितों-पिछड़ों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए मोदी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। यूनिवर्सिटी के खुले माहौल में दलित- पिछड़े- आदिवासी और गरीब घर के छात्र नए विचारों को जानकर सरकार की मानसिकता पर हमला बोलते हुए वंचित पृष्ठभूमि के छात्र सरकारों से अपनी हिस्सेदारी न मांग सके। उच्च शिक्षा को लेकर मोदी सरकार की नीतियों को लेकर गुजरात सेंट्रल

पीएचडी होल्डर्स एसोसिएसन के अध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार यादव लम्बे समय से केन्द्र सरकार की शिक्षा नीति पर काम कर रहे हैं और मोदी सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों को लेकर जन-जागरुकता भी ला रहे हैं।  डॉ. रमेश कुमार यादव ने सोशल मीडिया पर मोदी हटाओ- पीएचडी बचाओ अभियान शुरू किया है.

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डॉ. रमेश लिखते हैं कि- 

‘केंद्र की मोदी सरकार के मनमाने फ़ैसले के कारण लाखों शोध उपाधि धारक सडको पर एव केंद्र सरकार ने किया इन सभी पी-एच.डी उपाधि धारकों का भविष्य बर्बाद । 

तत्कालीन केंद्र सरकार के इशारे पर  11/7/2009 को जारी  पीएचडी विनियम 2009 लाया गया. जिसको भारत के सभी विश्वविद्यालयों ने  वर्ष 2014 तक अपने यहां लागू किया .  जिस कारण  11/7/2009 के बाद से वर्ष 2014 तक की इस अवधि में जो भी शोध छात्र पी-एच.डी हेतु पंजीकृत हुए और अपनी पी-एच.डी डिग्री को प्राप्त किया ऐसे सभी पी-एच.डी धारको को UGC/NET पास करना जरूरी कर दिया*

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जबकि वर्ष 2002 से लेकर 11/7/2009 तक के पी-एच.डी धारको को पांच बिंदु के आधार पर UGC/NET से छूट प्रदान कर दी.  मोदी सरकार के इस मनमाने फ़ैसले के चलते पी-एच.डी धारक जिन्होने अपने जीवन के अमूल्य लगभग 6वर्ष इस पी-एच.डी डिग्री को प्राप्त करने मे लगा दिये,  ऐसी उच्च शिक्षा की उच्च डिग्री प्राप्त करने के बावजूद शिक्षित बेरोजगार कर दिया गया है .

12 वीं शिक्षा मंत्री का तानाशाही पूर्ण फैसला- 

ये तानाशाह फ़ैसला उस सरकार ने लिया है जिसकी शिक्षा मंत्री स्वयं 12th पास थीं उन्होने पी-एच.डी धारको को इस छूट से बाहर कर UGC/NET को अनिवार्य कर दिया, वो भी जिस सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी अपने चुनावी भाषण मे युवाओं के कल्याण के बडे़-बडे़ वादे किया करते थे। लेकिन उन्होने ही स्वयं ऐसे डिग्री धारको को जिन्दा मार दिया और राजस्थान सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में असिस्टेण्ट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत पीएचडी धारकों को बर्खास्त कर दिया गया. अब उनका परिवार भुखमरी एंव बच्चों का करियर बर्बाद होने के कगार पर है.

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पीएचडी धारकों को नेट से छूट मिले- 

ये अच्छे दिनो के वादे वाली कैसी सरकार है जो युवाओ को बेरोजगार करने पर उतारू है ? *मोदी जी सुन लीजिए जिस युवा ने आपको ऊपर चढ़ाया है ना, अपने सपनो की खातिर अब वो ही आपको 2019 मे नीचे भी उतारेगा* चिंता मत कीजिए, आपके द्वारा जनता पर किये जा रहे अन्याय का बदला ये युवा ही लेगा . यदि आपने इन पी-एच.डी धारको की डिग्री को बिना किसी शर्त UGC/NET से छूट नही दी तो आपको नीचे उतार कर आपके हिटलर शाही फ़ैसलो से आपको पैदल कर देगी.

मोदी हटाओ….पीएचडी बचाओ

Dr. Ramesh Kumar Yadav अध्यक्ष आइफा ( AIPHA) अॉल इण्डिया पीएचडी होल्डर्स एसोसिएशन

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