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पीतांबर पटेल को घर में घुसकर मारा,आरोपी इंस्पेक्टर ठाकुर केके सिह को बचाने में जुटी पुलिस

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति तो खराब हुई ही है. हालांकि हैरत करने की बात नहीं है लेकिन देखा जा रहा है कि सीएम के जाति के लोगों में अचानक सत्ता का रौब आ गया है. इसका सबसे ज्यादा असर प्रदेश में दलित और पिछड़ी जातियों के खिलाफ बढ़े अपराधों के रूप में देखा जा सकता है.

मामला बुंदेलखंड के  झांसी का है. जहां आरओ व्यवसायी पीतांबर पटेल को पहले एलआईयू बांदा में तैनात इंस्पेक्टर के बेटे करन सिंह ने मारा फिर बर्दी की धौंस और योगीराज के घमंड में इंस्पेक्टर केके सिंह पीतांबर के घर पहुंच गया और फिर उन्हें घर में घुसकर मारा. मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस मामले को दबाने की कोशिश में लगी है.

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सरकार के प्रति बढ़ रहा है कुर्मी समाज में असंतोष-

इलाहाबाद में ब्राह्मणों द्वारा अनुज पटेल की पीट पीटकर हत्या, फतेहपुर में फार्मासिस्ट दिलीप पटेल की गोली मारकर हत्या और अब झांसी में पीतांबर पटेल के साथ ठाकुर समाज के लागों द्वारा की गई मारपीट और अभद्रता से पूरे प्रदेश के कुर्मी समाज में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है.

झांसी में गुरुवार को बुंदेलखंड कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने झांसी पहुंचे कारागार मंत्री जय कुमार सिंह पटेल जैकी से मुलाकात करके अपना रोष प्रकट किया. उन्होंने मौके पर मौजूद विधायक राजीव सिंह पारीछा से मामला देखने को कहा. अब कार्रवाई का इंतजार है.

25 मई का है मामला अभी तक कार्रवाई नहीं. 

पीतांबर पटेल ने बताया कि उनकी आरओ की दुकान है. 25 मई को उनको आरओ लगवाने के नाम पर बुलाकर एलआईयू इंस्पेक्टर के पुत्र करन सिंह और झांसी सांसद उमाभारती के प्रतिनिधि के पुत्र जीतेन्द्र सिंह उर्फ जीतू चौहान और उनके साथियों ने बुरी तरह मारा पीटा और उनकी घड़ी और पर्स छीन लिया. इसके बाद वो किसी तरह से भागकर घर आए तो पीछे से केके सिंह अपने बेटे को लेकर पीतांबर के घर आ धमके और बोले गलती मान नहीं तो जान से मार दूंगा. पीतांबर के कहने पर कि गलती तो आपके बेटे की है. इतना सुनते ही ठाकुर केके सिंह का सत्ता और बर्दी का रौब सामने आ गय और पीतांबर को घर में पीटा. जाते हुए ये भी बोला कि थाने गया तो ठीक नहीं होगा.

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केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के प्रतिनिधि का बेटा भी है शामिल- 

केन्द्रीय मंत्री उमाभारती के प्रतिनिधि डॉ. जगदीश सिंह चौहान का बेटा जितेन्द्र चौहान का नाम पुलिस ने एफआईआर में नहीं लिखा. बाद में आलाअधिकारियों से मुलाकात के बाद जीतू का नाम बाद में जोड़ा गया. लेकिन मामला सत्तापक्ष का है तो कार्रवाई की उम्मीद इतनी जल्दी कैसे की जा सकती है.

पुलिस को कई ज्ञापन दे चुकी है बुंदेलखंड कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति- 

बुंदेलखंड कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति घटना को  लेकर कई बार पुलिस को ज्ञापन दे चुकी है. लेकिन अभी तक आरोपियो के सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही. समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष शिवशंकर पटेल, महानगर अध्यक्ष डॉ. वीके निरंजन और युवा अध्यक्ष मनोज पटेल का कहना है कि हम लोग इस घटना से बहुत दुखी और आक्रोशित हैं. हम कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई चाहते हैं.

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इसलिए हम प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से गुहार लगा चुके है. अगर इस मामले में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करती है तो हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.

 

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