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योगीराज में पीएम की काशी से उठी ‘पूर्वांचल’ राज्य की मांग, 25 जून को ट्रेन रोको आंदोलन

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो।

बहुत बड़े क्षेत्रफल और कई देशों से अधिक जनसंख्या वाले देश के सबसे बड़े राज्य को चार भागों की मांग काफी पुरानी हैं. राज्य आंदोलनाकियों का तर्क है कि छोटे राज्यों का विकास ज्यादा तेजी से होता है. अब एक बार फिर से पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की मांग जोर पकड़ रही है. 25 जून को आंदोलन को गति देने के लिए पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ता वाराणसी में ट्रेन रोकेंगे.

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28 जिले मिलाकर बनता है पूर्वांचल- 

पूर्वांचल राज्य भले ही अस्तित्व में ना हो लेकिन पूरब के हिस्से को पूर्वांचल बोलकर ही संबोधित करते हैं जिसमें 28 जिले हैं. इन्हीं जिलों को मिलाकर पृथक पूर्वांचल राज्य बनाने की मांग कर रहे हैं लोग.

10 वीं बार रेल रोकेंगे पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ता- 

योगी सरकार के तमाम सख्ती के बाद भी पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकर्ता अब तक विभिन्न जिलों में नौ बार ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं. आगामी 25 जून को वाराणसी के सिटी स्टेशन पर दसवीं बार ट्रेन रोको आंदोलन चलाने की घोषणा की है.

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अखिलेश की तरह योगी ने भी ठुकरा दी पृथक पूर्वांचल राज्य की मांग- 

पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी व प्रवक्ता हरबंश पटेल बताते हैं कि सत्ता आते ही भाजपा ने पृथक पूर्वांचल राज्य बनाने का अपना वादा तोड़ दिया. इसलिए पूर्वांचल राज्य जनांदोलन के कार्यकारी संयोजक अनुज राही हिंदुस्तानी के नेतृत्व में 20 सितंबर 2013 से पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलन चलाया जा रहा है.

पीआरजे ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी को अपने आंदोलन का केंद्र बना रखा है. जहां पूर्व में सपा सरकार के मुखिया अखिलेश यादव पूर्वांचल राज्य की मांग को ठुकरा रहे थे, वही हाल मुख्यमंत्री योगी जी का हो गया है. सीएम योगी भी अब यूपी के विभाजन से साफ इनकार करते हैं. हरबंश पटेल ने कहा कि अब पूर्वांचल को ज्यादा दिनों तक पिछड़ा नहीं रखा जा सकता है. बगैर नया राज्य बने पूर्वांचल का समग्र विकास संभव नहीं है. पूर्वांचल को चाहिए अपनी नीति और अपना बजट.

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पूर्वांचल विकास बोर्ड बनाने की पेशकश ठुकरा दी- 

पीआरजे नेता पूर्वांचल के विकास के नाम पर पूर्वांचल विकास बोर्ड बनाने की घोषणा को सिरे से खारिज करते हैं . कहते हैं पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की आवश्यकता है, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री दोनों पूर्वांचल से हैं ,यदि अलग राज्य नहीं बनाते हैं तो यहां के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा होगा.

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