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भगवाराज: UP की बेसिक शिक्षा मंत्री का फरमान, रविवार को भी स्कूल खोलकर मनाएं PM मोदी का जन्मदिन

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

किसी भी पार्टी या संगठन का आलाकमान जिस तरह का होता है, उस पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी उसी तरह से व्यवहार करने लगते हैं। लोगो में ये धारणा बन चुकी है कि बदली हुई बीजेपी का मौजूदा नेतृत्व आत्ममुग्ध, आत्मदंभी और चापलूसी की संस्कृति को पसंद करने वाला है। ऐसे में बीजेपी के वर्तमान दौर के शिखर नेता पीएम नरेन्द्र मोदी को खुश करने का मौका भला कोई कैसे गवा सकता है ?

कुछ अपवादों को छोड़ दे तो पूरे देश में प्राइमरी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय व ऑफिस रविवार को बंद रहते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में आगामी 17 सितंबर को यूपी में सभी प्राइमरी स्कूलों को खुला रहने का आदेश जारी किया है। दरअसल 17 सितंबर को बीजेपी के वर्तमान बॉस नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है।

ऐसे में शासन ने आदेश दिया है की 17 सितंबर को सभी प्राइमरी स्कूलों में पीएम मोदी का जन्मदिन मनाया जाएगा। जिसके चलते सभी बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा, कि पूरे उत्तर प्रदेश के करीब 1 लाख 60 हजार प्राइमरी स्कूलों में 17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाया जाएगा। जिन विधायकों ने स्कूलों को गोद लिया वो 17 सितंबर को स्कूल जाएंगे और बच्चों को पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के बारे में बताएंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाके के विधायक स्कूलों में इस आयोजन का जायजा लेंगे और बच्चों से पीएम मोदी के भारत को लेकर गढ़े गये न्यू इंडिया के सपनों पर भी चर्चा करेंगे। पीएम मोदी के जन्मदिन पर बच्चों के बीच मिठाई बांटी जाएगी और उन्हें स्वच्छता का महत्व और मतलब समझाया जाएगा।

पीएम मोदी को बताया शक्तिशाली पुरुष- 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेरणास्रोत बताते हुए राज्य बीजेपी के प्रवक्ता चन्द्रमोहन ने कहा, नरेन्द्र मोदी बच्चों के लिए एक आइकन की तरह है, क्योंकि उन्होंने अपना बचपन कठिनाइयों में गुजारा और आज वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे शक्तिशाली पुरुष हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का जन्मदिन बच्चों के लिए प्रेरणादायक साबित होगा।

प्रधानमंत्री 17 सितंबर को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अपना जन्मदिन अपने गृहराज्य गुजरात में मनाते रहे हैं। इस बार भी प्रधानमंत्री अपने जन्मदिन के अवसर पर गुजरात में ही होंगे। 17 सितंबर को वड़ोदरा में एक रैली को संबोधित करेंगे।

1890 से भारत में शुरू हुआ था रविवार अवकाश का चलन- 

अंग्रेजों की हुकूमत के दौरान पूरी दुनिया में मिल मजदूरों को पूरे सातों दिन काम करना पड़ता था। जिसके खिलाफ यूनियन नेता मेघाजी लोखंडे ने साप्ताहिक अवकाश का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उनके इस प्रस्ताव को ब्रिटिश हुकूमत ने नामंजूर कर दिया।

सात साल की लड़ाई के बाद अंग्रेज सभी को रविवार के दिन अवकाश देने पर सहमत हुए। इससे पहले सिर्फ सरकारी कर्मचारियों का रविवार के अवकाश रहता था। 10 जून 1890 वह पहला रविवार था जब भारत में पहला अवकाश दिया गया।

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