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ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा का वादा करने वाले PM के राज में रिश्वतखोरी में भारत पहले नम्बर पर

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

एशिया महाद्वीप में भ्रष्टाचार के मामले में भारत प्रथम स्थान पर है. ये खबर इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि वर्तमान सरकार के पीएम नरेन्द्र मोदी का दावा था कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा यानि बीजेपी सरकार बनने से पहले देशवासियों को भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सब्जबाग दिखाकर वोट मांगे गए थे।

अब विश्व की प्रतिष्ठित फोर्ब्स पत्रिका ग्रुप ने एशिया के देशों के अपने सर्वे में पाया है कि भारत में रिश्वतखोरी की दर पांच देशों में सबसे अधिक है. सर्वे के अनुसार भारत में भ्रष्टाचार की दर 69 प्रतिशत है. फोर्ब्स द्वारा किए गए 18 महीने लंबे सर्वे में भारत को टॉप 5 देशों में पहला स्थान दिया गया है.

भारत के अलावा वियतनाम, पाकिस्तान, थाईलैंड और म्यांमार भी फोर्ब्स की टॉप 5 भ्रष्ट एशियाई देशों की सूची में शामिल हैं.

भारत में स्कूल, अस्पताल, पुलिस, पहचान पत्र और जनोपयोगी सुविधाओं के मामले जुड़े सर्वे में भाग लेने वाले लगभग आधे लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी न कभी रिश्वत दी है.

53 प्रतिशत लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ काम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि 63 प्रतिशत मानते हैं कि आम लोगों पर उनके प्रयासों से कोई असर नहीं पड़ेगा.

फोर्ब्स के इस सर्वे में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है. सर्वे के नतीजों में पाया गया है कि रिश्वतखोरी दर 40 प्रतिशत है.

65 प्रतिशत रिश्वतखोरी दर के साथ वियतनाम दूसरे स्थान पर है, तो वहीं 41 प्रतिशत के साथ थाईलैंड तीसरे स्थान पर है. सर्वे में म्यांमार को पांचवां स्थान प्राप्त हुआ है, जहां रिश्वतखोरी दर 40 प्रतिशत है.

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