You are here

पीएम मोदी की विदेश नीति पर उठ रहे हैं सवाल, क्या वाकई चीन ने भारत से जंग की तैयारी शुरू कर दी है ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

भारत और चीन के सिक्किम बोर्डर बिगड़ते हालात को देखते हुए चीनी सेना ने भारत के खिलाफ होने वाले सम्भावित युद्ध की तैयारी तेज कर दी है। चीनी मीडिया ने भी दोनों देशों के बीच युद्ध की भविष्यवाणी कर दी है। चीनी मीडिया में भारत को अमरीका के इशारे पर काम करने वाला एक मानसिक रूप से गुलाम देश बताया जा रहा है.

इस पूरी कवायद में लोग सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के विपक्ष में रहते हुए चीन और पाकिस्तान को उन्ही की भाषा में जवाब दिए जाने वाले भाषणों का हवाला देकर पीएम की विदेश नीति पर सवाल उठा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें…मोदी की विदेश नीति हो गई फेल, चीन ने दी भारत को धमकी, 62 की हार न भूले भारत

आपको बता दें कि चीनी मीडिया पर चीनी सरकार का नियंत्रण है और मीडिया में वही खबरें छपती हैं जो चीनी सरकार छपवाना चाहती है। इन हालातों में ये अंदाजा लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है कि चीनी सरकार भारत के बारे में क्या सोच रही है।

डोकुला चौराहा है विवाद की जड़ ?

चीन औऱ भारत के बीच विवाद की कोई सीधी वजह नहीं है। दरअसल चीन डोकुला चौराहे पर सड़क का निर्माण कर रहा है. लेकिन डोकुला चौराहा पर भूटान भी अपना दावा कर रहा है और चीन के सड़क निर्माण को अवैध बता रहा है। भूटान इस मामले में भारत से सहयोग मांग रहा है।भूटान का रक्षा सहयोगी होने के नाते भारत ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। बस इसी वजह से चीन भारत से बौखला गया है। कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है कि विवाद एक महीने लंबा खिंच गया है, ऐसे में दोनों देशों के बीच जंग की आशंकाएं एक बार‌ फिर सर उठाने लगी हैं।

इसे भी पढ़ें…पढ़िए – इंटरव्यू में मुस्लिम छात्र का OBC सर्टिफिकेट देखकर कैसे विचलित हो गए IIMC के पैनलिस्ट

चीन ने रोकी कैलास मानसरोवर यात्रा

डोकुला चौराहे पर भारत के हस्तक्षेप से नाराज होकर चीन ने भारत के श्रृद्धालुओं द्वारा की जाने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी. भारत की सरकार ने पहले मामले को दबाने की कोशिश की और मीडिया में इस तरह की बातें प्रचारित करवा दी कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के चीनी कब्जे वाले हिस्से में भूकम्प की संभावना के चलते ही चीन ने नाखूला दर्रा बंद कर दिया है। पर बाद में ये खबरें गलत साबित हुई. चीन ने साफ किया कि वो बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों की गतिविधियों से नाराज होकर ही नाथूला दर्जा बंद कर रहा है।

इसे भी पढ़ें…हिंदू से बौद्ध बने अपना दल  संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल पर बीजेपी ने क्यों कराया जानलेवा लाठीचार्ज

चीन दे चुका है धमकी , 62 की हार न भूले भारत

सिक्किम सीमा पर बिगड़ते माहौल के बीच चीन ने भारत को धमकी दी है कि भारत 62 की हार न भूले। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू ने भारत को 62 की हार से सबक लेने की नसीहत दी थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि चीन भारत को 1962 वाला भारत समझने की भूल न करे। इस बात पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी कहा कि भारत चीन को 1962 वाला चीन न समझे।

चीन कर रहा बॉर्डर पर सड़क निर्माण- 

चीन ने अपने सैनिकों के लिए यहां पर सड़क निर्माण का काम शुरू किया, लेकिन भूटान ने इसका विरोध किया। भारत ने भूटान को सही मानते हुए चीन का विरोध किया। इसी बात से नाराज चीनी सेना ने अड़ियल रवैया अपनाया और भारतीय सेना के सीमा पर बंकर तोड़ दिया। साथ ही उन पर घुसपैठ का आरोप भी लगा दिया।

इसे भी पढ़ें…विज्ञान के युग में महंत आदित्यनाथ का अंधविश्वास, बोले गूलर के पेड़ काट दो ये अशुभ होते हैं

भारत ने पहले इस बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिश की, लेकिन चीन के ऐसे व्यवहार के बाद भारत को बॉर्डर पर 3000 सैनिक तैनात करने पड़े हैं। इसी वजह से बौखलाया चीन भारत के खिलाफ बोले जा रहा है।

दो दिन पहले ही चीन के विदेश मंत्री ने अपरोक्ष रूप से भारत को धमकी देते हुए 1962 के युद्ध से सीख लेने की नसीहत दी थी, अब चीनी मीडिया और एक थिंक टैंक ने दोनों देशों के बीच युद्ध के आसार की भविष्यवाणी कर दी है।

Related posts

Share
Share