You are here

PM मोदी के आंसुओं को तोगड़िया की खुली चुनौती, “गौरक्षकों को किसी से डरने की जरूरत नहीं”

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

विश्व हिंदू परिषद के नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गौरक्षा के नाम पर की गई भावुक अपील का कोई असर नहीं पड़ता दिख रहा है। अलीगढ़ में हुई परिषद की प्रांतीय बैठक में वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने पीएम मोदी के आंसुओं और भावुकता को चुनौती देते हुए गौरक्षकों को सीधे तौर पर किसी से न डरने की बात कह दी।

प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि गौ रक्षकों को किसी के दबाव में आकर डरने की जरूरत नहीं हैं। वह निरंतर गोमाता की सेवा में लगे रहें। उन्होंने इस दौरान कहा ‘हमें चाहिए हिंदू राष्ट्र ’।

इसे भी पढ़ें-हार्दिक पटेल की सीएम शिवराज को खुली चुनौती, किसानों पर अत्याचार न रुका तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे

पीएम ने की थी अपील- 

पिछले दिनों अल्पसंख्यकों की हत्या पर अमेरिका में विरोध झेलने के बाद भारत लौटकर पीएम  ने सबसे पहले गौरक्षकों की बढ़ती गुंडागर्दी दुख जताया था साबरमती में भावुक होते हुए उन्होंने गौरक्षकोंं से कानून हाथ में न लेने की अपील की थी।

आगरा रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार को आयोजित विहिप की प्रांतीय बैठक में उन्होंने कहा कि परिषद के चारों तंत्र सत्संग, मातृ शक्ति, दुर्गा वाहिनी व बजरंग दल सभी संगठन से लोगों को जोड़ने के लिए कार्यकर्ता क्रियाकलाप करते रहें। दिसंबर में होने वाले बजरंग दल के कार्यक्रम में कम से कम देश के दो लाख युवाओं को जोड़ना है।

पत्थरबाजों को गोली मारने के आदेश दें- 

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में तोगड़िया ने कहा कि अलीगढ़ में चल रहीं मीट फैक्ट्रियां बंद कराई जाएंगी। कश्मीर से धारा 370 जल्द हटेगी और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भी होगा। कश्मीर घाटी को सेना के हवाले कर पत्थरबाजों को गोली मारने के आदेश दिए जाएं, जिससे वहां के हालात में सुधार आ सके।

इसे भी पढ़ें- झालर विरोध की नौटंकी के बीच, मोदी राज में चाइना का भारत में निवेश तीन गुना तक बढ़ गया

प्रवीण तोगड़िया के इस बयान का जवाब गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता जयंती भाई मनाणी ने बखूबी दिया है-

जय विज्ञानं.. जय संविधान.. जय भारतवासियों.. जय भारत.

भारतीय बंधू तोगड़िया.. आप शुद्र वर्ण की कुणबी जाति से है और जनेऊ धारण करने का अधिकार नहीं होने की वजह से शिक्षा प्राप्त करने के अधिकारी भी नहीं हो. हिन्दू राजाओ के समय में मनुस्मृति का शासन था और आप की जाति का एक भी व्यक्ति 1818 में पढा लिखा नहीं था.

1 जनवरी 1818 में ईस्ट इण्डिया कंपनी ने पुणे के ब्राह्मण पेशवा शासन को जब पराजित किया था तब देश में 2% लोग ही पढे लिखे थे. एक भी महिला पढी लिखी नहीं थी. वर्ण व्यवस्था के अनुसार शुद्र वर्ण की जाति होने की वजह से आप की जाति का एक भी व्यक्ति साक्षर नहीं था. आप की जाति हल चलाती थी.

इसे भी पढ़ें- पाठक के जातिवाद और एक बीजेपी नेता के भ्रष्टाचार के गठजोड़ से बनी सरकारी वकीलों की लिस्ट पर रोक

हिन्दू राष्ट्र बनाना है तो आप आप की जाति और परिवार को शिक्षा प्राप्त करने से रोक दो और आप भी बेल लेकर हल चलाना शुरू कर दो, हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए प्रथम प्रारंभ आप के परिवार से करो..

आप फर्जी हिन्दू है. असली हिन्दू एससी, एसटी और ओबीसी के जो लोग अनपढ़ है और अपनी जाति का धंधा आज भी कर रहे है वही है.

Related posts

Share
Share