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आखिर आप चाहते क्या हैं? आपको लगता है कि मोदी-शाह अपने मुंह से अपने गुनाह कबूल कर लेंगे ?

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने काले कारनामों को छुपाने के लिए कितनी भी सफाई दें  फिर भी सफेद नहीं कर सकते। पीएम मोदी और अमित शाह के सफेद कुर्ते पर इतने गहरे दाग़ हैं कि इन्हें कोई डिटर्जेन्ट भी नहीं धो सकता।

सोशल मीडिया पर मानवाधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार बर्खास्त आईपीएस संजीव भट्ट के समर्थन से लिखते हैं कि-

आखिर आप चाहते क्या हैं? मोदी अपने मुंह से कहे कि तीस्ता सच बोल रही है और बाबू बजरंगी ने मोदी की ही रहनुमाई मे मुसलमान औरतों का पेट चीर कर बच्चों को पेट से निकाल कर तलवार से काटा था।

क्या आप चाहते हैं  कि मोदी खुद कहें कि अमित शाह और मोदी के कहने पर ही सोहराबुद्दीन की पत्नी का बलात्कार किया गया और फिर उसकी हत्या की गयी थी?

क्या आप चाहते हैं कि मोदी मान लें कि उन्नीस साल की मासूम लड़की इशरत की मोदी और अमित शाह के कहने पर ही हत्या की गई थी?

क्या आप यह भी चाहते हैं कि मोदी मान लें कि संजीव भट्ट सच कह रहे हैं कि मोदी ने पुलिस से कहा था कि हिंदुओं को दंगा करने दो जिससे हिंदुओं का गुस्सा ठंडा हो जाय?

क्या आप उम्मीद करते हैं इस तरह मोदी अपनी कब्र खुद ही खोद लें, नहीं जनाब वो अपनी कब्र खुद कभी नहीं खोदेगा अपनी कब्र कोई खुद नहीं खोदता। वो काम आपका है जनाब?

मोदी जैसे इन गुंडों को उनके मुकाम तक पहुंचाने का काम इस मुल्क के अवाम  ही करना पड़ेगा उसके लिए आपका गुस्सा, मुल्क के बाशिंदों के लिए लिए आपका प्यार उनकी कब्र बनेंगे अपने गुस्से को ठंडा मत होने देना हम सब संजीव भट्ट के साथ हैं।

 

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