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भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे रोडवेज के RM प्रभाकर मिश्रा पर योगी सरकार मेहरबान, ऑडियो वायरल

बरेली/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

भ्रष्टाचार मुक्त यूपी बनाने का वादा करके सत्ता में आई योगी सरकार में भी भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर अपनी कुर्सी पर कुंडली मारे बैठे हैं. अखिलेश सरकार में जो भ्रष्ट अफसर सपाई हुआ करते थे वही अब भाजपाई हो गए हैं और नेताओं से अपनी जाति-विरादरी की करीबी निकालकर मलाईदार पदों पर बैठकर अपने भ्रष्टाचार का खेल जारी रखे हुए हैं।

मामला बरेली जिले के परिवहन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक यानि आरएम का है। संविदा भर्ती, भत्ते और बसें अनुबंध कराने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में घिरे परिवहन निगम के आरएम प्रभाकर मिश्र के प्रति योगी सरकार की दरियादिली किसी से छुपी नहीं है। भ्रष्टाचार के सबूत मुख्यालय तक पहुंच चुके हैं.

बरेली के प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक को पूरी जानकारी दी चुकी है, लेकिन सिर्फ जांच कराने और कार्रवाई का आश्वासन देकर आरएम के प्रति दरियादिली दिखाई जा रही है।

एक नहीं कई वीडियो वायरल- 

आरएम प्रभाकर मिश्र के एक नहीं कई ऐसे ऑडियो वायरल हो गये हैं. जिनमें वह सौदेबाजी करते सुनाई दे रहे हैं.

ऑडियो में प्रभाकर मिश्र एक बर्खास्त कंडक्टर से बातचीत करते सुनाई दे रहे हैं. दोनों के बीच फोन पर ही बसों का अनुबंध करने, भत्ते एवं अन्य मदों से पैसा निकालने की सौदेबाजी की जा रही है.

नौकरी लगवाने के नाम पर आरएम ने बरेली के प्रदीप यादव से 6.5 लाख रुपये ले लिए. नौकरी न लगने पर प्रदीप ने अपने रूपये वापस मांगे. जिसपर आरएम आनाकानी करने लगे. डेढ़ लाख रुपया तो प्रदीप के खाते से आरएम के खाते में ट्रांसफर किया गया है.

कुछ दिन पहले प्रदीप ने बदायूं के एक विधायक से संपर्क साधा. विधायक ने सबूतों के साथ आरएम की शिकायत प्रबंध निदेशक पी गुरुप्रसाद से की. प्रबंध निदेशक ने आरएम को तलब कर दोनों का आमना सामना कराया. जिसमे आरएम ने पैसे वापस करने का आश्वासन दिया था. लेकिन पैसे वापस नहीं किये गये.

इसके अलावा आरएम पर संविदा भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर मन माफिक तरीके से नौकरी देने के आरोप भी लग चुके हैं.

वायरल ऑडियो में से एक की बातचीत-

ऑडियो में किसने क्या कहा

फहीम- क्या चल रहा है सर…

आरएम- बस भर्ती खुल गयी है. आज आलोक सक्सेना आ रहे हैं. लिस्ट फ़ाइनल हो जायेगी.

फहीम- बाकी ठीक है सर…

आरएम- हां सब ठीक है तुम्हारे जो चेले हैं वो सब विश्वास के पात्र नहीं हैं.

फहीम- बरेली के लोगों का यही हाल है सर…

आरएम- दूसरा लड़का मुकेश है उसका तो कर ही दिया है. उससे और थोड़ा लेकर रामरतन वाला एडजस्ट कराओ.

फहीम- मैं मुकेश से बात कर लेता हूं.

आरएम- मुकेश को बोलिए उसका करके एडजस्ट कर लो.

फहीम- सर वो प्रदीप वाला देख लीजिएगा सर…

आरएम- हां प्रदीप वाला कल सुबह कर देंगे…

कौन है फहीम- 

आर एम रोडवेज प्रभाकर मिश्रा और रोडवेज के वर्खास्त कर्मचारी फहीम के बीच लेन देन संबंधी बातें हो रही है। बताया जा रहा है की आरएम रोडवेज प्रभाकर मिश्रा का किसी समय में सबसे करीबी होता था जो सारी लेन देने की डीलिंग करता था। लेकिन इसी बीच उसने आरएम की सारी बातें रिकार्ड कर लीं।

आरएम पर न सिर्फ घूंस मांगने का आरोप है बल्कि चुनाव आचार सहिंता के दौरान भर्ती करने के गंभीर आरोप भी लगे हैं। मिश्राने पैसे लेकर चुनाव आचार संहिता के दौरान ही संविदा पर कंडेक्टर भर्ती कर लिए। घूसखोरी और नियम विरुद्ध काम करने बाले आरएम रोडवेज पर एक व्यक्ति ने पैसे लेने का भी आरोप लगाया है पीड़ित व्यक्ति का आरोप है की आरएम ने उनसे किसी काम के लिए पैसे लिए थे जो उन्होंने आरएम के खाते में ट्रांसफर किये थे अब उनके आरएम से पैसे मांगने पर आरएम उनको धमकी दे रहे है

अपने ऊपर लगे तमाम गंभीर आरोपों को आरएम रोडबेज प्रभकर मिश्रा ने सिरे से ख़ारिज कर दिया उनका कहना है की यह सब झूठ है और संविदा परिचालक भर्ती नियम के अनुरूप की गई है बही आडिओ को भी उन्होंने झुठला दिया।

मामला भ्रष्टाचार और उसके साक्ष्यों के साथ से शासन तक पंहुचा और जब इस मामले को जिले के प्रभारी मंत्री ब्रजेश पाठक के सामने उठाया गया तो उन्होंने मामले की जाँच के बाद सख्त कार्रवाई की बात कही ।

सूत्रों की माने तो आरएम रोडवेज प्रभाकर मिश्रा पहले भी रिश्वतखोरी और अनियमितताओं की वजह से झाँसी में निलंबित हुए थे, लेकिन योगी सरकार आने के बाद भी उनका काम करने के अंदाज नहीं बदला देखना अब यह है की इस आडियो और नियम विरुद्ध संविदा परिचालक भर्ती की जाँच के बाद आखिर सरकार उन पर क्या कार्रवाई करती है ।

(बरेली से मनोज कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट) 

 

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