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पिता ने जमीन बेचकर पढ़ाया, अब IT कंपनी बनाकर युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बने प्रशांत पटेल

नई दिल्ली/ इंदौर, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

“अगर आप किसी को शिद्दत से चाहे तो पूरी कायनात आपको उससे मिलाने में लग जाती है” वैसे तो ये महज एक फिल्मी डायलॉग है। लेकिन जुनूनी इंसान अपनी मेहनत और लगन से इस बात को सही साबित करके दिखाता है। फिर ये प्यार किसी इंसान से हो या किसी लक्ष्य से इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसी ही सफलता की कहानी मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी प्रशांत पटेल की है।

दरअसल जिस खेती से परिवार का जीवन-यापन होता था पिता बालकराम पटेल ने बेटे प्रशांत की पढ़ाई के लिए उस जमीन को बेचने में तनिक भी संकोच नहीं किया। प्रशांत ने भी अपने पिता के इस भरोसे को सही साबित कर दिखाया और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर नौकरी का रास्ता ना अपनाकर महज 24 साल की उम्र में 2013 में आईटी कम्पनी की नींव रख दी।

आज कंपनी में 30 साथी- 

प्रशांत अपनी लगन, सोच और सामाजिक सरोकार के बूते आज एक से लेकर 30 कर्मचारियों वाली आईटी कंपनी के मालिक बने बैठे हैं। अब प्रशांत ने माता-पिता का कर्ज और अपना फर्ज निभाते हुए उन्हे गांव से इंदौर बुला लिया है। इंदौर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में प्रशांत ने प्रदेश सरकार के सामने अपनी प्लानिंग साझा की, जिसे खूब सराहा गया।

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के रहने वाले हैं- 

प्रशांत पटेल का जन्म सिवनी जिले के छोटे से गांव बंघोड़ी के साधारण से किसान बालकराम पटेल के घर में हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण शिक्षा के लिए ही माता -पिता ने नाना-नानी के घर भेज दिया। किसी तरह से प्रशांत ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई पूरी की।

प्रशांत के मन में इंजीनियर बनने की इच्छा थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इसमें आड़े आई। बैंक से एजुकेशन लोन लेने का भी प्रयास किया लेकिन बैंक ने लोन देने से मना कर दिया। बेटे की पढ़ाई के प्रति लगन देख प्रशांत के मना करने के बावजूद पिता ने अपनी खेती की जमीन बेच दी।

जमीन बेचने के बाद इंदौर के इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश दिलाया। घर के हालात देखते हुए प्रशांत ने इंजीनियरिंग के साथ ही साथ पार्ट टाइम जॉब करके जेब खर्च निकाला और आईटी, मैनजमेंट एंड मार्केटिंग की जानकारी हासिल की।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रशांत ने सामाजिक जिम्मेदारी को साथ लेकर ही जीवन यापन करने के बार में निर्णय लिया। इसी सोच को आकार देने के लिए प्रशांत ने नौकरी करने के बजाए अपने दोस्तों राहुल सिंह व शशि सिंह के साथ मिलकर 15 दिसम्बर 2013 को एक आईटी कंपनी की नींव रखी।

मात्र 30,000 रुपए से शुरू की गई क्रिएटो वेब आई टी सोल्यूसंस कम्पनी शुरू की जिसमें प्रशांत के सहयोगी 30 साथियो की टीम पूरे जज्बे के साथ काम कर रहे हैं।

बड़े-बड़े आयोजनों में कंपनी की धमक- 

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट, CII, IMA, AKVN, IIT INDORE TEDx जैसे संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में कंपनी को सम्मान जनक स्थान मिला है। इनके तजुर्बे और सफलता के कारण ही हाल ही में बिना मैनेजमेंट डिग्री के इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन के सबसे कम उम्र में मेम्बर भी बने है.

सम्मान – 

Outcomes delivered, Indore संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सफल उद्यमी अवार्ड।

Young leaders Conclave, Jabalpur में Young leader Award।

अपनी कंपनी के लिए MP’s StartUp Excellence अवार्ड मिला।

सामाजिक सरोकार –

प्रशांत पटेल अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रभारी है। सामाजिक सोच के कारण हाल ही में प्रशांत की टीम ने किसानों को उद्योग से जोड़ने और व्यापार संबंधी मदद के लिए व्यापार पोर्टल www.kurmivyapar.com भी बनाया जिसे भारत सरकार की केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राँची से लांच किया था .

2015 में समाज के लिए इंदौर इकाई से जुड़ कर प्रशांत की टीम ने www.kurmisamajindore.com वेबसाइट बनाई एवं 26 जनवरी 2017 को समाज के युवाओं को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए Kurmi Samaj App के रूप में एक संयुक्त प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया। इस एप्प के माध्यम से प्रशांत देश ही नहीं विदेशों में फैले समाज के लोगों को एकजुट करने का प्रयास कर रहे हैं।

युवाओं को सलाह- 

27 वर्षीय प्रशांत ने युवाओं को टेक्नॉलाजी से जुड़े रहने की सलाह देते हैं. वह कहते हैं कि आईटी क्षेत्र में अपार सम्भावनाएं हैं. वेबसाइट डिजाइनिंग, एंड्रॉयड एप डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग के कोर्स करके बेहतर कॅरियर बनाया जा सकता है. इसके साथ ही देश-विदेश में बैठे अपने सामाजिक भाईयों से घर में बैठे-बैठे सम्पर्क किया जा सकता है।

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