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शिवराज का रामराज: प्राइमरी शिक्षक महेन्द्र यादव निलंबित, आरोप-खुले में शौच

नई दिल्ली/भोपाल। नेशनल जनमत ब्यूरो 

केंद्र सरकार ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना बताया गया था। स्वच्छ भारत अभियान का मकसद लोगों को खुले में शौच करने से निजात दिलाना है। वहीं मध्य प्रदेश में एक अध्यापक को खुले में शौच करने पर निलंबित कर दिया गया है।

ताजा घटना मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की है। महेंद्र सिंह यादव शासकीय प्राथमिक विद्यायलय बुढ़ेरा में सहायक अध्यापक के तौर पर कार्ररत थे। उन्हें महज इसलिए निलंबित कर दिया गया कि वह खुले में शौच करने गए थे।

जिला शिक्षा अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सोमवार को अध्यापक महेंद्र सिंह यादव को निलंबित करने का आदेश जारी किया।

महेंद्र यादव के निलंबन के आदेश में कहा गया कि, शासन की महत्वाकांक्षी योजना स्वस्थ भारत का उल्लंघन करते हुए उन्होंने घर में बने शौचालय का उपयोग न करके खुले में शौच करने गए। शासन के निर्देशों को न मानना कदाचार की श्रेणी में आता है। इसलिए अध्यापक महेंद्र यादव को निलंबित किया जाता है।

ऐसा माना जा रहा है कि यह मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में ऐसा पहला मामला होगा जब किसी अध्यापक को खुले में शौच करने पर निलंबित किया गया हो। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि में महेंद्र यादव का मुख्यालय ईसागढ़ रहेगा और उन्हें नियानुसार जीवन निर्वाहन भत्ता दिया जाएगा।

आपको बता दें, केंद्र सरकार ने 2 अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। केंद्र सरकार का दावा है कि 2 अक्टूबर 2019 तक भारत को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएग।

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