You are here

आक्रोश: प्रियंका चोपड़ा के माध्यम से बात रखें मध्य प्रदेश के किसान तो सुन लेंगे पीएम मोदी !

नई दिल्ली। नीरज भाई पटेल ( नेशनल जनमत) 

मध्य प्रदेश में अपनी फसल के उचित की मूल्य की मांग कर रहे किसानों पर गोली चलाने से हुई 6 किसानों की मौत से पूरे देश में उबाल है. लेकिन महाराष्ट्र के बाद अब मध्यप्रदेश में हुई किसानों की मौत के बाद भी पीएम का कोई बयान तक नहीं आया. बयान तो छोड़िए जरा जरा सी बात पर ट्विट करने वाले पीएम का ना तो महाराष्ट्र ना ही तमिलनाडू और अब मध्यप्रदेश के किसानों पर ही कोई ट्विट आया.

इसे भी पढ़ें-आरक्षण के खिलाफ जहर उलगने औऱ दलित को गाली देने से एबीपी न्यूज में मिलती है नौकरी

पीएम के किसानों की परवाह ना करने जैसे रवैये से नाराज लोग अलग-अलग तरीके से अपना गुस्सा अपना दर्द, अपना रोष प्रकट कर रहे हैं. कोई प्रदर्शन कर रहा है तो कोई लिखकर विरोध दर्ज करा रहा है. ऐसे ही सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्से मेें लिखा कि प्रियंका चोपड़ा के माध्यम से किसान प्रधानमंत्री से मिलने जाए तो शायद उनकी बात सुन ली जाएगी.

वरिष्ठ पत्रकार सत्येन्द्र पीएस – अगर इस देश में किसी ने काम किया है तो वो किसान हैं। किसानों ने देश को भुखमरी से निकालकर सरप्लस स्टेज में पहुंचा दिया। बाकी जितने विद्वान् यूनिवर्सिटी शोध संस्थान, सेना, इंडस्ट्री में हैं उनका प्रदर्शन फ्लॉप रहा है और हम मोबाइल से लेकर जहाज और तोप तक भीख मांगते फिरते हैं। ये किसान राष्ट्रद्रोही हैं। जिन्होंने निकम्मों धूर्तो, पुजारियों ढोंगियों के देश में मेहनत की। इन्हें तोप से उड़ा देने की जरूरत है। इस देश में काम करने वालों को नीच माना जाता है। मध्य प्रदेश की आरएसएस बीजेपी सरकार ने किसान के बेटों सीआरपीएफ के जवानों से ही खेती करने वाले 6 किसानों को मरवा दिया.

इसे भी पढ़ें- क्या किसानों की मांगे इतनी जटिल हैं जिनको नहीं मान सकते शिवराज, बढ़ता जा रहा है बवाल

पत्रकार शशि शाक्य- किसानों के मुद्दे पर प्रियंका चोपड़ा बहुत जल्द प्रधानमंत्री सेे बात करेंगी…

धीरज भाई पटेल – आज फिर जरूरत है सरदार पटेल की. जो गर्म सलाख लेकर भारत में बन रहे नासूर को समाप्त कर सके. सरकार जंगल में घूमने वाले पागल हाथी की तरह हो गई है. सामने पड़ने वाली हर चीज को कुचल डालना चाहती हैै. आज मध्यप्रदेश के मंदसौर मैं बारडोली से भी खतरनाक आंदोलन की जरूरत है आज अंग्रेजों का शासन नहीं बल्कि उन नंगा पोंगा ढोंगियों का शासन है जो पूर्णतया किसान और जवान विरोधी है. एक तरफ जवान मर रहा है दूसरी तरफ किसान को मारा जा रहा है. यह देश का सबसे दुर्दांत एवं काला समय है.

इसे भी पढ़ें- पढ़िए गणेश का इंटरव्यू करने वाले एबीपी न्यूज के भूमिहार पत्रकार का जातिवादी चरित्र

कुमार अनिल- जो करे देश के किसानों का संघार, नही चाहिए ऐसी भाजपा सरकार, सोनू सिंह

सोनू सिंह- किसानों की बढती जनसंख्या को लेकर सरकार चिंतित,किसान कम करने के लिए गोली मारने के आदेश

डॉ. रमेश यादव यादवेन्द्र-  गुजरात (2016)से निकली किसान वेदना यात्रा दिल्ली जन्तर-मंतर पर भूखे-प्यासे किसानों के द्वारा 40दिन प्रदर्शन व मूत्रपान करते हुए मंदसौर किसान हत्याकांड तक पहुंची. क्या यही है सबका साथ सबका विकास.

Related posts

Share
Share