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यादवों की गिरफ्तारी के विरोध में दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक मोर्चा का विधानसभा पर धरना आज

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

रायबरेली के अपटा कांड को लेकर ब्राह्मण संगठनों की बयानबाजी और प्रदर्शनों से सियासत इस कदर गरमाती जा रही है कि मंगलवार को दलित, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा ने एक प्रेस कांफ्रेस कर पूरी घटना में निर्दोष यादव पक्ष के लोगों का साथ देने की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं इस दौरान निर्णय लिया गया कि आज 12 जुलाई को विधानसभा गेट पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

लखनऊ से छात्र नेता मुलायम सिंह यादव ने नेशनल जनमत को बताया कि दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक मोर्चा रायबरेली के तत्वाधान में रायबरेली जिले के ऊंचाहार अपटा कांड में फंसाए गए निर्दोष प्रधान पुत्रों एवं पूर्व प्रमुख शिवकुमार यादव एवं राजेन्द्र यादव प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में 12 जुलाई को धरना प्रदर्शन किया जाएगा। समय – सुबह  10:30 बजे स्थान-  विधानसभा गेट लखनऊ।

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धरना प्रदर्शन का कारण- 

1. पीड़ित यादव पक्ष की ओर से F I R न दर्ज होना।
2. पुलिस द्वारा ग्रामीणों का उत्पीड़न बंद हो।
3. सीबीआई जांच की मांग।

सीबीआई जांच की मांग- 

इससे पहले रायबरेली में मोर्चे के पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें घटना की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग उठाई, वहीं क्षेत्रीय विधायक मनोज पांडेय व उनके एक साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई। दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा ने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं की सरकारी और ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा करने के लिए ऐसा किया गया हो।

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सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीपी पाल ने कहा कि सरकार इस कांड में जातिगत पक्षपात कर रही है जो निंदनीय है। यादव पक्ष की ओर से एफआईआर न दर्ज करना पुलिस की संवेदनहीनता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पीड़ित की एफआईआर दर्ज करना पुलिस का पहला काम है पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया।

इस दौरान पुलिस को चेतावनी दी गई कि यदि उक्त मामले में प्रधान द्वारा दी गई एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो यह मोर्चा सड़कों पर दिखाई देगा। मुख्यमंत्री योगी मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपए एवं शस्त्र लाइसेंस दे रहे है। इससे इस मामले में सही कार्रवाई की आशा धूमिल हो गई है।

पुलिस प्रशासन से इस कांड के मामले में जनता का भरोसा टूट गया है। दलित-पिछड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा यादव समाज द्वारा रायबरेली में घोषित आंदोलन का समर्थन करता है।

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कुर्मी-पाल- मौर्य- यादव-पासी महासभा एकजुट- 

इस दौरान निर्णय लिया गया कि 17 जुलाई को आयोजित विशाल धरना प्रदर्शन में दलित पिछड़े एवं अल्पसंख्यक समाज के लोग भारी संख्या में शामिल होंगे। इस अवसर पर सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीपी पाल, प्रबुद्ध पिछड़ा वर्ग संघ के संरक्षक एवं पूर्व प्राचार्य डॉक्टर राम बहादुर वर्मा, पाल सभा के जिला अध्यक्ष पीएल पाल एडवोकेट, रामदेव मौर्य एडवोकेट, पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष गणेष प्रासद मौर्य, कुर्मी महासभा के जिला अध्यक्ष भारत लाल वर्मा, यादव महापंचायत के अध्यक्ष हीरा लाल यादव, मौर्य समाज के अध्यक्ष गजाधर प्रसाद मौर्य, रामनरेश पासी, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, छोटेलाल पासी, राम नारायण प्रजापति, राजा घोसी, घनश्याम निर्मल एडवोकेट, इंद्रपाल गौतम, रामकिशोर मौर्य, शिव बहादुर पाल, अशोक गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने कहा इस मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से होनी चाहिए लेकिन सबसे ज्यादा दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि कुछ राजनीतिक लोग इसे ब्राह्मण और यादव की लड़ाई बताकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी के घर पर लोग गैर जनपद से क्या करने गए थे और घटनास्थल से राजा यादव का घर 1 किलोमीटर दूर है, जहां पर फायरिंग हुई उसके बाद आक्रोशित भीड़ ने यह समझकर कि राजा यादव को गोली मार दी गई है इनको दौड़ा लिया। इन सभी पहलुओं के मद्देनजर विवेचना करने की आवश्यकता है।

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