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मामूली विवाद में संजीव सिंह ने शुभम पटेल को मारी गोली, गुस्साए ग्रामीणों ने घर पर बोला हमला

लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो

सूबे में योगी आदित्यनाथ उर्फ अजय सिंह बिष्ट की सरकार क्या बनी उनके स्वजातीय लोगों में अचानक से सत्ता के करीबी होने का दंभ आ गया. पूरे प्रदेश में होने वाले अपराधों में अचानक से आरोपी ठाकुर विरादरी के लोग बनने लगे.सामाजिक रूप से इसको कतई अच्छा नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन ये सच है कि दलित-ओबीसी के प्रति इस सरकार में अपराध बढ़ा है.

हालिया मामला रायबरेली के महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी सुमित चौधरी उर्फ शुभम पटेल के साथ का है. जहां वाहन टक्कर के मामली विवाद में संजीव कुमार सिंह ने गोली मार दी. गुस्साए ग्रामीणों ने संजीव के घर पर हमला करके उसकी गाड़ी में आग लगा दी.

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टक्कर विवाद में मारी गोली- 

महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के हलोर निवासी 18 वर्षीय सुमित पटेल उर्फ शुभम पुत्र जगत नारायण पटेल बीएससी का छात्र था.  परिजनों के अनुसार सुमित अपनी चचेरी बहन शालिनी को गुरुकुल महाविद्यालय पुरासी छोड़कर बाइक से घर लौट रहा था. वहीं लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सेमरपहा गांव निवासी सेना का जवान संजीव कुमार सिंह एक अन्य व्यक्ति के साथ कार से अपनी ससुराल हलोर जा रहा था.

मोहिनी का पुरवा गांव के पास ओवरटेक के दौरान कार की टक्कर से बाइक का इंडीकेटर टूट गया. शुभम ने इस पर नाराजगी जताई तो संजीव सिंह ने शुभम को पीट दिया. इसके बाद संजीव अपने ससुर दान बहादुर सिंह के घर पहुंच गया.

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ससुर से शिकायत की तो होने लगी गाली गलौच- 

शुभम ने यह बात घर पहुंचकर परिजनों व ग्रामीणों को बताई तो 10-15 लोग दान बहादुर सिंह के घर पहुंच गए. मामले की शिकायत के बाद दान बहादुर सिंह से कहासुनी होने लगी. कहासुनी के बीच बात गाली गलौच तक पहुंच गई. इसी बीच संजीव सिंह ने घर में रखी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. गोली लगने से सुमित पटेल की मौत हो की गई और सुमित के चाचा  श्रीनारायण पटेल 30 वर्ष को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है.

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भीड़ का गुस्सा देख घर के अंदर बंद हुए दोनों- 

इसके बाद गुस्साई भीड़ बड़ी संख्या में इकट्ठी होकर दानवीर सिंह के घर पर पहुंच गई तो दानवीर और संजीव ने खुद को मकान में बंद कर लिया. इतना ही नहीं अंदर से फिर से संजीव ने फायरिंग करनी शुरू कर दी. सूचना पाते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई और दोनों को भीड़ से बचाते हुए थाने ले आई. इस बीच ग्रामीणों ने संजीव सिंह की कार को आग लगा दी और वहां रखे कई वाहन तोड़ डाले.

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पुलिस पर लगाया आरोपी को बचाने का आरोप- 

परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस जातिवादी मानसिकता से काम कर है और आरोपियों को बचाने की नियत में है. एक स्थानीय पत्रकार  के अनुसार आईजी लखनऊ रेंज जयनारायण सिंह इस मामले में बहुत सक्रिय हैं और उनकी सक्रियता का परिणाम ये है कि पुलिस की तरफ से मामले को कमजोर करने के लिए जो रिपोर्ट भेजी जा रही है उसमें आत्मरक्षा में गोली चलाने की बात कही जा रही है.

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