You are here

राजस्थान: भाजपा सरकार डॉक्टरों से पूछ रही है किस जाति-किस धर्म के हो ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो।

जब आप किसी सरकारी सेवा में नौकरी कर रहे होते हैं तो शायद ही आपके कोई आपकी जाति पूछने आता है. ऊपर से जब आप डॉक्टर हो तो शायद ही कोई ईलाज कराने से पहले आपकी जाति पूछेगा. पर यकीन मानिए राजस्थान में ऐसा हो रहा है.

राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों से उनकी जाति पूछी जा रही है. मंगलवार को जारी इस आदेश को लेकर चिकित्सा विभाग में खासी चर्चा है. सभी डॉक्टर अपने-अपने नजरिये से आदेश की व्याख्या कर रहे हैं.

इसे भी पढ़ें…राजस्थान, बेईमानी कामचोरी का आरोप लगाकर दलितों-पिछड़ों को नौकरी से बाहर करने की तैयारी

निदेशालय, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं की ओर से मंगलवार को एक आदेश के द्वारा राजस्थान के चार जिलों बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में कार्यरत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, आरसीएचओ, खंड स्तर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी सामुदायिक केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उनका नाम, जाति और वे वहां कब से कार्यरत है, आदि की जानकारी ईमेल से मांगी गई है.

इसे भी पढ़ें…वसुंधरा राज में पीसीएस परीक्षा में हो रहा बड़ा खेल, बदली जा रहीं है छात्रों की कॉपियां

कई अधिकारी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे है. उनका मानना है कि राजनीतिक हितों के चलते सरकार जातिगत समीकरणों के आधार पर पदस्थापना करती है. उधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की सूचनाएं जुटाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है.

Related posts

Share
Share