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रेपिस्ट राम रहीम कोर्ट में बोला, मैं नपुंसक हूं, जज बोले बेटियां कैसे पैदा हुईं?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में 1999 में अगस्त और सितंबर में डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एक टीवी चैनल के मुताबिक, राम रहीम ने अपने बचाव में कहा था कि वह 1990 से किसी भी प्रकार का शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं है, इसलिए बलात्कार करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

हरियाणा के पंचकुला में जब सीबीआई अदालत ने 25 अगस्त को डेरा प्रमुख राम रहीम को रेप मामले में दोषी करार दिया तो उसने बचने की पूरी कोशिश की थी। बाबा ने अदालत में कहा कि वह 1990 से नपुंसक हैं। बाबा के बयान को सिरे से खारिज करते हुए सीबीआई जज ने कहा, बेटियां कैसे हुईं?

जस्टिस जगदीप कुमार के सामने पेश होने से पहले गुरमीत राम रहीम का स्टेटमेंट रिकोर्ड किया गया जिसमें उसने कहा था कि वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं था, ऐसे हालात में किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाना दूर की बात है और वह नपुंसक है।

डेरा प्रमुख का कहना था कि उस पर लगे रेप के आरोप को हटा देना चाहिए। इस पर जज ने कहा कि राम रहीम के गवाह ने कहा था कि उसकी दो बेटियां है इसलिए उनका दावा बेबुनियाद है। डेरा हॉस्टल की दो वॉर्डन ने अपने बयान में कहा था, राम रहीम की दो बेटियां 1999 से इस हॉस्टल में रह रही थीं, इसलिए सीबीआई जज ने राम रहीम के नपुंसक होने वाले दावे को खारिज कर दिया था।

जज ने कहा था कि इससे आरोपी का पुरुषत्व साबित होता है। दो बेटी होने से पता चलता है कि आरोपी के दावे में कोई भी सच्चाई नहीं है। 28 अगस्त को राम रहीम को बीस साज की सजा सुनाते हुए जज जगदीप कुमार ने उसे जंगली जानवर करार देते हुए कहा, इस तरह के रेपिस्ट किसी प्रकार की दया के हकदार नहीं हैं।

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