You are here

OBC महासंघ का राष्ट्रीय महाधिवेशन दिल्ली में कल, देशभर के बुद्धिजीवी OBC मुद्दों पर करेंगे मंथन

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

देशभर में ओबीसी आरक्षण खात्मे के लिए हो रहे प्रयास औऱ ओबीसी छात्रों के साथ भेदभाव समेत ओबीसी हितों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को सरकार  तक पहुंचाने के लिए 7 अगस्त यानि कल दिल्ली में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, रफी मार्ग पर राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ का दूसरा महाअधिवेशन आयोजित किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें-स्वामी को अखिलेश यादव का जवाब, आबादी के हिसाब से दे दो आरक्षण, कोई नाराज नहीं रहेगा

सरकार के प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद- 

डॉ.खुशालचंद्र बोपचे, राजकीय समन्वयक, राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ, सचिन राजूरकर, निमंत्रक, खेमेंद्र कटरे, प्रचार प्रमुख राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने बताया कि महाधिवेशन में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कई केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी के कई सांसद मौजूग रहेंगे जिनके सामने ओबीसी वर्ग से जुड़ी समस्याओं को रखकर उनके निदान की मांग की जाएगी।

इसे पढ़ें- आरक्षण खात्मे की ओर मोदी सरकार के बढ़ते कदम, UPSC में कमाडेंट पद पर OBC आरक्षण खत्म

उद्घाटन समारोह  सुबह 10 से 1 बजे तक- 

अधिवेशन का उद्घाटन पूर्व न्यायमूर्ति वी.ईश्वरैय्या और स्वागताध्यक्ष केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराजजी अहीर होंगे। अध्यक्षता राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के संयोजक प्राचार्य डॉ.बबनराव तायवाडे करेंगे। इस दौरान बंडारू दत्तात्रेय, केन्द्रीय श्रम मंत्री, अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान, राजेश गोहाई, रेल राज्यमंत्री, भारत सरकार।

अंनत गीते केन्द्रीय उद्योग मंत्री, पंकजा मुंडे, महिला व बालकल्याण मंत्री, महाराष्ट्र चंद्रशेखर बावनकुले, ऊर्जा मंत्री, महाराष्ट्र राज्य, गणेश सिंह अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग संसदीय समिति, टी.देवेन्द्र गौडा राज्यसभा तेलंगाना, अली अन्वर अन्सारी बिहार, नानाभाऊ पटोले महाराष्ट्र, बी.नरसैय्या गौंड तेलंगाना, सुनील केदार महाराष्ट्र, सेवकभाऊ वाघाये, माजी आमदार, महाराष्ट्र,  पी.सी पतंजली, माजी कुलगुरू विशेष रूप में मौजूद रहेंगे।

इस दौरान राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में सामाजिक न्याय की आवाज उठाने के लिए सांसद शरद यादव का विशेष सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा।  इसी सत्र में राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के संघटक, शेषराव येलेकर की पुस्तिका का विमोचन भी होगा।

इसे भी पढ़ें-BHU में OBC-SC-ST के आरक्षण को चालाकी से खत्म करने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम खुला खत

समापन कार्यक्रम – 2 बजे से 5 बजे तक- 

समापन समारोह की मुख्य अतिथि अनुप्रिया पटेल, केन्द्रीय स्वास्थ परिवार कल्याण राज्यमंत्री होंगी। महादेव जानकर, पशु, दुग्ध व मत्स्य पालन मंत्री महाराष्ट्र शासन, सांसद हुकुमदेव नारायण यादव, राजकुमार सैनी हरियाणा, रापुल आनंद भास्कर, तेलंगाना, सांसद केशवराव, राज्यसभा तेलंगाना, डी.श्रीनिवास राज्यसभा तेलंगाना, सांसद हनुमंतराव, तेलंगाना, विजय वडेट्टीवार, महाराष्ट्र, डॉ.परिणय फुके, महाराष्ट्र, प्रमोद मानमोडे संस्थापक निर्मल ग्रुप, कस्तुरी जयाप्रसाद, सचिव बी.सी सेन्टर फॉर इंपावरमेन्ट, तेलंगाणा. प्रदीप ढोबळे मौजूद रहेंगे।

इस दौरान उठाई जाने वाली मांगे- 

1. ओबीसी समाज की जनगणना अतिशीघ्र घोषित कर राज्य और केंद्र में स्वतंत्र ओबीसी मंत्रालय की स्थापना की जाए.

2. मंडल आयोग, नचीप्पन कमिटी और स्वामिनाथन आयोग की सभी सिफारिशें तुरंत लागू करे।

3. ओबीसी किसान, किसान मजदूर को 60 वर्ष के बाद पेंशन योजना लागू की जाय।

4. ओबीसी के ऊपर क्रीमीलेअर की लगाई गई असंवैधानिक शर्ते अविलंब रद्द की जाए.

पढ़ें-पिछड़ों को डॉक्टर नहीं बनने देगी मोदी सरकार, मेडीकल की पहली सूची में ओबीसी को मिला सिर्फ 2 फीसदी आरक्षण

5. ओबीसी कर्मचारियों को पदोन्नती में आरक्षण संविधानिक अधिकारों के तहत मिलना चाहिए.

6. ओबीसी के लिए विधानसभा और लोकसभा में स्वतंत्र निर्वाचन क्षेत्र बने.

7. तहसील न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक सभी न्यायिक स्तर पर ओबीसी को आरक्षण लागू करना चाहिए.

8. ओबीसी प्रवर्ग को अॅट्रासिटी कानून में समाविष्ट किया जाए.

9. ओबीसी किसानो को वनहक्क पट्टो के लिए लगाई गई तीन पीढ़ियों की शर्ते को अतिशिघ्र रद्द किया जाए.

10. ओबीसी विद्यार्थियो के लिए सिव्हिल सर्विसेस और स्पर्धा परिक्षा के प्रशिक्षण के लिए हर राज्य और जिल्हा स्तर पर प्रशिक्षण संस्था स्थापित की जाये.

11. राष्ट्रीय पिछडावर्ग आयोग को संविधानिक दर्जा प्राप्त हो.

12. कृषी क्षेत्र के लिए स्वतंत्र बजट और स्मार्ट व्हिलेज योजना लागू की जाये

इसे भी पढ़ें-मोदीराज: OBC-SC-ST के साथ अन्याय, अब मेडिकल कॉलेजों में 15 फीसदी सवर्णों को 50.5 फीसदी आरक्षण

13. देश के हर तहसील और जिल्हास्तर पर ओबीसी छात्रो के लिए स्वतंत्र छात्रावास की व्यवस्था की जाये.

14. केन्द्र और राज्य सरकारी कार्यालयोमे ओबीसी संवर्ग के रिक्त पदोंका अनुशेष भरने के लिये विशेष स्वतंत्र मोहिम चलाई जाय और खाली पदे भरने हेतू सक्त कानून बनाया जाय एवं मॉनिटरींग कमिटी की स्थापना की जाय।

क्या है राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ?

राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ देश में ओबीसी समाज के लिए कार्यरत सभी ओबीसी संघटनाओं का एक महासंघ है। इस महासंघ का पहला अधिवेशन नागपुर में 7 अगस्त 2016 को आयोजित किया गया था।

महासंघ ने 27 नवंबर को पहला ओबीसी महिला अधिवेशन का आयोजन किया था एवं 8 दिसंबर 2016 को शीतकालीन नागपुर अधिवेशन में एक लाख से अधिक सर्वसमावेशी ओबीसी समाज के लोगों का मोर्चा निकाला था।

देश के सारे ओबीसी एकजुट होने के परिणामस्वरूप महाराष्ट्र में पहली बार सरकार को ओबीसी मंत्रालय का गठन करना पड़ा और इसी के साथ केंद्र सरकार ने पहली बार नागपुर में 500 ओबीसी छात्रों के लिए छात्रावास बनाने की मंजूरी दी।

Related posts

Share
Share