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सरकार की हड़बड़ी से गई 30 की जान, ‘काम’ दिखाने को अधूरी तैयारियों के साथ शुरू करा दी NTPC यूनिट

लखनऊ/रायबरेली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी संयंत्र में बॉयलर फटने से बुधवार को 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 90 से 100 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

एनटीपीसी के एक इंजीनियर दबी जुबान स्वीकार कर रहे हैं कि हादसे की जिम्मेदार पूरी तरह से केन्द्र सरकार और खुद एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी हैं। नाम की छापने की शर्त इंजीनियर ‘नेशनल जनमत’ से कहते हैं कि यह यूनिट अभी सही से कमीशन भी नहीं हुई थी। फिर भी इसे जबरदस्ती मैन्युअल चला दिया गया।

गुस्सा जाहिर करते हुए कहते हैं ये यूनिट इसलिए चलाई गई कि वरिष्ठ अफसरों की प्रमोशन की लालसा पूरी हो। तीन साल का प्रोजेक्ट ढाई साल में पूरा करवाने के चक्कर में श्रमिकों की जान ले ली।

आधी-अधूरी तैयारियां और शुरू करा दी यूनिट- 

तैयारियां आधी-अधूरी थीं…। आग से निपटने का मुकम्मल इंतजाम भी नहीं हुआ…। पर, इस सबके बावजूद 500 मेगावाट की 6 नंबर यूनिट को शुरू करा दिया गया। आखिर इतनी हड़बड़ी क्यों थी?

ये सवाल हैं उन श्रमिकों के जो यहां काम करते हैं। बहरहाल एनटीपीसी के अफसर अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। अफसर सवालों का जवाब देने से कतरा रहे हैं। एनटीपीसी की 500 मेगावाट की यूनिट नंबर 6 का संचालन करीब एक पखवारा पहले शुरू कर दिया गया।

तो इतनी जानें न जातीं…

मोहनपाठक इसी यूनिट में ठेकेदार हैं। वे भी कहते हैं कि आधी-अधूरी तैयारियां की गई थीं। फायर किट तक की व्यवस्था नहीं थी। यदि ऐसा होता तो शायद श्रमिकों को बचाया जा सकता था। पर ऐसा नहीं हुआ।

यूनिट में काम करने वाले राम मनोहर, सुखदेव की ड्यूटी दूसरी शिफ्ट में थी। कहते हैं कि ऊपर वाले का शुक्र रहा कि उनकी ड्यूटी नहीं थी। पर यह हादसा लापरवाही दर्शाता है। तैयारियां पूरी न करके बिजली उत्पादन किया जा रहा था।

काम दिखाने की हड़बड़ी शुरू करा दी यूनिट- 

फरीदपुर के रहने वाले सूरजपाल गुस्से में हैं। कहते हैं कि हादसा दर्दनाक है। तैयारियां पूरी नहीं की गई थी। पता नहीं इतनी जल्दबाजी में क्यों बिजली का उत्पादन कराना शुरू करा दिया गया। जांच करके दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

उमरन के राम आसरे और रोहनियां के रहने वाले कृष्णपाल कहते हैं कि हादसा चूक है। इसकी जांच होनी चाहिए। कहते हैं कि हर दिन ड्यूटी जाता था। सब कुछ ठीकठाक रहता था। कुछ न कुछ लापरवाही तो हुई है, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

एनटीपीसी संयंत्र के परिसर से एंबुलेंस के सायरन की आवाज के बीच एक घायल कर्मचारी ने अस्पताल में बताया कि सब कुछ इतना अचानक हुआ कि पता ही नहीं लगा क्या कुछ घटा. उसके बाद उसने खुद को अस्पताल के बिस्तर पर जली हुई हालत में पाया. पुलिस ने परिसर की तत्काल घेराबंदी कर दी ताकि एंबुलेंस की आवाजाही सुगम हो सके.

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