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स्वामी को अखिलेश यादव का जवाब, आबादी के हिसाब से दे दो आरक्षण, कोई नाराज नहीं रहेगा

नई दिल्ली/लखनऊ। नेशनल जनमत ब्यूरो 

सरकार वालों के दिल में और नीयत में जो हो वो बात जुबां पर आ ही जाती है। सरकार बनने के बाद से ही बीजेपी सरकार की नीतियों से स्पष्ट है कि सरकार आरक्षण खात्मे की ओर कदम बढ़ा चुकी है। अब उसके वरिष्ठ नेता ये बात खुलकर बोलने और दिखाने लगे हैं कि वो आरक्षण के विरोधी हैं।

खुद को हिंदूवादी नेता के तौर पर प्रस्तुत करने वाले बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा है कि आरक्षण को अब एकदम खत्म करना पागलपन है लेकिन भाजपा सरकार आरक्षण को उस स्तर तक पहुंचा देगी जहां उसका होना या नहीं होना, बराबर होगा।

स्वामी के इस बयान के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में कहा है कि जातियों को उनकी आबादी के हिसाब से आरक्षण दे दो कोई नाराज नहीं रहेगा।

शनिवार को लखनऊ में जनेश्वर मिश्र की जयंती के उपलक्ष्य में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके अनुभवों को साझा किया। लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आज उनकी 84वीं जयंतीपर कई कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। इ

इसी दौरान एक रीजनल न्यूज चैनल के पत्रकार ने सुब्रह्मण्यम स्वामी स्वामी के बयान का हवाला देते हुए अखिलेश से आरक्षण को लेकर सवाल पूछा तो उसके जवाब में अखिलेश यादव ने कहा सभी जातियों को उनकी संख्या के हिसाब से आरक्षण दे दो, सबकी नाराजगी दूर हो जाएगी।

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क्या कहा था स्वामी ने- 

एक महिला दर्शक ने जब यह सवाल किया कि 97 फीसदी अंक लाने वाले को भी विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं मिलता और 50 फीसदी वाले कक्षा में बैठ जाते हैं। ऐसे में 97 वाली प्रतिभा का क्या होगा? औसत स्तर के छात्र भारतीय बाजार में काम करते हैं।

इस सवाल से तकरीबन सहमति जताने के अंदाज में स्वामी ने कहा कि आरक्षण को अब एकदम खत्म करना पागलपन है लेकिन भाजपा सरकार आरक्षण को उस स्तर तक पहुंचा देगी जहां उसका होना या नहीं होना, बराबर होगा। सरकार इतने इंस्टीट्यूट खोल देगी कि सबको प्रवेश मिलेगा।

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