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मेरिटवादियों इस आरक्षण के खिलाफ नहीं लगाओगे नारे, APOLLO हॉस्पीटल में सिर्फ ‘ब्राह्मणों’ को नौकरी

हैदराबाद/नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

आरक्षण पर हल्ला मचाने वाले मेरिटधारी इस आरक्षण पर अपना मुंह नहीं खोलेंगे। लेकिन सोशल मीडिया पर देश की बड़ी कंपनी का ऐसा जातिवादी रूप देखकर इसकी खिंचाई जरूर कर रहे हैं।

दरअसल चिकित्सा के क्षेत्र में देश की जानी मानी सेवा प्रदाता कंपनी अपोलो मेडस्किल्स के एक विज्ञापन में उसका घोर जातिवादी चेहरा सामने आया है। कंपनी ने एक विज्ञापन जारी कर सिर्फ ब्राह्मण युवाओं के लिए मुफ्त प्रशिक्षण और प्लेसमेंट देने की बात कही है।

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अपोलो मेडस्किल्स ने तेलंगाना टुडे वेबसाइट पर इसके लिए फोन नंबर सहित बकायदा एक ऐड जारी किया है। इस ऐड में लिखा है-

पढ़िए जातिवादी विज्ञापन-  

“अपोलो मेडस्किल्स, तेलंगाना राज्य के 18 से 25 वर्ष के आयु समूह में बेरोजगार ब्राह्मण युवाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मुफ्त प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अवसर प्रदान कर रही है। पीजी डिप्लोमा इन हॉस्पिटल मैनेजमेंट और एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स इन डायलिसिस के माध्यम से युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अस्पताल संचालन, अस्पताल प्रबंधन और डायलिसिस सेवाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

एशिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य प्रदाता है- 

अपोलो के दक्षिण एशिया के विभिन्न शहरों में 38 बड़े हॉस्पीटल चल रहे हैं। एशिया में यह सबसे बड़ी स्वास्थ्य-सेवा प्रदाता कम्पनी है जबकि विश्व में इसका स्थान तीसरा है। इसका मुख्यालय चेन्नई (भारत) में है। इसकी स्थापना 1983 में प्रताप सी रेड्डी ने की थी।

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अपोलो मेडस्किल्स के सीईओ डॉ. पी श्रीनिवास राव का तर्क है कि इस जातिवादी कार्यक्रमों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी, और हेल्थ इंडस्ट्री में कुशल लोगों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।

 

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