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आरक्षण खात्मे की ओर OBC PM की कदमताल, गृह मंत्रालय की नौकरी में OBC-SC-ST को मिलाकर सिर्फ 24% आरक्षण

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

पिछड़े और दलितों को गाय, गंगा योग और मंदिर में फंसाकर, आरक्षण को सीधे तौर पर खत्म ना करके मोदी सरकार धीरे-धीरे संघ के एजेंडे के तहत आरक्षण खत्म करती जा रही है। रेलवे से लेकर हवाई सेवाओं का निजीकरण करके वहां से हजारों नौकरियां खत्म की जा रही हैं। प्राइवेट लोोगों को आईएएस के बराबर बैठाने की तैयारी चल रही है।

लेकिन दलित-पिछड़े वर्ग के लोग अपने बच्चों के भविष्य को देखने की बजाए इस इंतजार में हैं कि कब अयोध्या में राममंदिर बने और हम अपने बच्चों को साथ ले जाकर वहां धर्म का मजीरा बजाएं।

इस बीच पिछड़ों और दलितों के अधिकारों पर बार-बार कुठाराघाट करके संघ ने ये समझ लिया है कि कुछ भी करते रहो धर्म की चासनी में लिपटा ये वर्ग विद्रोह नही करेगा, इसलिए धीरे-धीरे वो अपना एजेंडा सरकार के माध्यम से लागू कराती जा रही है।

अभी हाल में यूपीएससी में कमाडेंटे पद पर आरक्षण खत्म करने की खबरों के बीच गृह मंत्रालय की नियुक्तियों में आरक्षण के साथ खेल करने की खबर सामने आ रही है।

कैसे खत्म  किया जा रहा है आरक्षण ?

होम मिनिस्ट्री में इंटेलिजेंस ब्यूरो में वेकेंसी निकली है.

उसमें 1300 में से 951 सीटें सामान्य को या अप्रत्यक्ष रूप से सवर्णों को दे दी गईं हैं।

यानि 76 प्रतिशत सीटें सामान्य या सवर्णों के लिए आरक्षित कर दी गई हैं।

183 सीट OBC

109 सीटे SC

56 सीटें ST को दी गई हैं.

जबकि आरक्षण के हिसाब से-

OBC को 351,

SC को 195

ST को 97 सीटें मिलनी चाहिए थीं।

कुल मिलाकर ओबीसी-एससी-एसटी को 49.5 प्रतिशत की जगह सिर्फ 24 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है।

इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल लिखते हैं कि-

हर मंत्रालय और विभाग में यही खेल चल रहा है. हर साल नौकरियों की चोरी करके उन्हें सवर्णों को सौंपा जा रहा है. आप SC, ST, OBC की 85% आबादी को कुल मिलाकर सिर्फ 27% आरक्षण दे रहे हैं. न्यूनतम 49.5% आरक्षण का उनका संवैधानिक हक है.

इससे कम आरक्षण देना इंदिरा साहनी केस में संविधान पीठ के फैसले का सीधा उल्लंघन है. कायदे से बैकलॉग को देखते हुए SC, ST, OBC को 49.5% से ज्यादा आरक्षण मिलना चाहिए. उनके लिए स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव चलनी चााहिए. लेकिन आपने तो उनका वाजिब, संवैधानिक हक भी मार लिया.

हमें मालूम है कि आप यह कर पा रहे हैं क्योंकि वंचित जातियां, खासकर OBC जातियां सोई हुई हैं. लेकिन कभी तो यह नींद टूटेगी.
तब आपके इन कुकर्मों का हिसाब होगा.

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