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भगवा रंग में रंगे UP के अधिकारी का लिखित आदेश, BJP नेताओं का सम्मान करो वर्ना कड़ी कार्रवाई होगी

 लखनऊ/उरई । नेशनल जनमत ब्यूरो।

जबसे योगी आदित्यनाथ की अगुआई में यूपी में भाजपा की सरकार बनी है तबसे सूबे के अधिकारी भगवा रंग में रंगते जा रहे हैं। अब दिक्कत ये है कि ऐसे संघी मानसिकाता रखने वाले अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियो को भी आदेश दे रहे हैं कि बीजेपी नेताओ का सम्मान करो वर्ना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहो। आदेश भी मौखिक नहीं बकायदा लिखित में।

अब बड़ा सवाल ये है कि एक सरकारी अधिकारी बीजेपी कार्यालय की तरह बीजेपी कार्यकर्ताओं के सम्मान करने का आदेश कैसे पारित कर सकता है। क्या ये किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा नियमावली का खुला उल्लंघन नही है।

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एक अधिकारी से  धर्म जाति, लिंग के भेदभाव ना करने के अलावा उम्मीद की जाती है कि उसका झुकाव सरकारी कर्मचारी के रूप में  किसी पार्टी विशेष के प्रति ना हो। ऐसे हा एक आदेश उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में पारित किया गया।

बिजली विभाग के अधिकारी का है आदेश- 

हालिया मामला यूपी के जालौन जिले के उरई मुख्यालय का है। यहां बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता किशन सिंह ने  बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी यानि एसडीओ जालौन विकास सोनी को भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सही से पेश आने और उचित व्यवहार करने की हिदायत धमकी भरे लहजे में दी है।

एसडीओ जालौन विकास सोनी को भेजे आदेश में अधीक्षण अभियंता (SE) उरई ने बीजेपी कार्यकर्ता की तरह व्यवहार करते हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ उचित व्यवहार करने की धमकी दी है और अपने कनिष्ठ अधिकारियों से भाजपा कार्यकर्ताओं से सम्मानित बर्ताव करने को कहा है। इतना ही नहीं आगे लिखा गया है कि आगे अगर शिकायत आई तो कार्रवाई की जाएगी।

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ऊर्जा राज्यमंत्री का कहना है सरकार की ऐसी मंशा नहीं-  

ऊर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्रदेव सिंह को जब नेशनल जनमत ने जब यह पत्र दिखाया तो उनका कहना था कि सरकार की ऐसी कोई भी मंशा नहीं। मैं चाहता हूं अधिकारी, कर्मचारियों के ऊपर किसी दवाब के तहत काम ना करवाया जाए। इस आदेश से संबंधित जानकारी करके संबंधित अधिकारी से बात करूंगा। किसी सरकारी अधिकारी को लिखित में ऐसा आदेश पारित नहीं करना चाहिए।

पूरे प्रदेश में ऐसे मामलों की कमी नहीं- 

पूरे प्रदेश में या तो विभिन्न सरकारी कार्यालय भाजपा नेता चला रहे हैं या फिर कहीं – कहीं कोई सख्त मिजाज का अधिकारी है तो भाजपा कार्यकर्ता उसका ट्रांसफर करवा दे रहे हैं। पिछले दिनों भाजपा नेता की बात न मानने के चलते महिला सीओ श्रेष्ठा ठाकुर का ट्रांसफर कर दिया गया।

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इसी तरह  भाजपा कार्यकर्ताओं पर अधिकारियों के काम में अड़ंगा लगाने का आरोप लगा रहा है। यहां तक कि यूपी के थानों पर भाजपाईयों के कब्जे की खबरें भी खूब आ रही हैं।  इलाहाबाद में पुलिस की पेट्रोल जीप को भाजपाईयों द्वारा कब्जे में लेकर जुलूस निकालने की घटना के बाद आम लोगों में अब ये धारणा भी बन चुकी है कि यूपी में अब पुलिस थाने भाजपा के कार्यकर्ता चला रहे हैं।

पुलिस विभाग ही नहीं भाजपा नेता बिजली विभाग, पीडब्लूडी विभाग, सिचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जाकर  अपनी  मनमानी कर रहे हैं। सारे प्रदेश का ये हाल कि या तो अधिकारी भाजपा के कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रहा है नहीं तो उसका तबादला करा दिया जा रहा है। अधिकारियों पर भाजपा के बड़े नेताओं की तरफ से दबाव है कि वे भाजपा के कार्यकर्ता के जैसा काम करें ।

इसी तरह सहारनपुर में भाजपा सांसद राघव लखनपाल ने एसएसपी लव कुमार के घर पर भीड़ से हमला भी करा दिया था । इसके अलावा मुरादाबाद में भाजपा नेता ने एक दरोगा को थाने में थप्पड़ भी जड़ दिया था।

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