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पढ़िए RSS का पांच सूत्रीय राजनीतिक एजेंडा, जिसे हर हाल में लागू करना BJP की प्राथमिकता है !

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

देश में जिस तरह का माहौल है उससे एक बात तो स्पष्ट है कि शिक्षण संस्थाओं को चलाने के तौर तरीकों  से लेकर आरक्षण पर आरएसएस की जो सोच है, भगवा सरकारें उसी एजेंडे को आगे बढ़ा रही है। जेएनयू कुलपति परिसर में युद्ध टैंक रखवाने की बात कर रहे हैं तो माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता वि.वि. के कुलपति परिसर में गौशाला बनवा रहे हैं।

सुब्रह्ममण्यम स्वामी कहते हैं कि आरक्षण को खत्म ना करके इस स्तर पर पहुंचा देंगे कि आरक्षण के होने ना होने का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। वहीं ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित करके सवर्णों को 50.5 अघोषित आरक्षण दिया जा रहा है। इस पूरे मुद्दे को करीब से समझते हुए वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक चिंतक दिलीप मंडल लिखते हैं कि-

RSS-BJP की पंचसूत्री राजनीति-

1. आर्थिक, राजनीतिक, बौद्धिक और न्यायिक क्षेत्र में, हर संस्थाओं में ब्राह्मणों का बोलबाला कायम करना है. अंतिम लक्ष्य यही है.

2. बाकी सवर्णों को बताना कि इसी में आपका हित है, वरना SC, ST, OBC,, मुसलमान आपका सब ले लेंगे. काबू में कतई नहीं रहेंगे. बराबरी में आ गए तो आखिर में आपकी बेटी भी इनके साथ भाग जाएगी.

3. SC, ST, OBC को बताना कि मुसलमानों से बचने का यही तरीका है कि ब्राह्मणों का नेतृत्व स्वीकार करो. यह नहीं बताना कि मुसलमानों ने उनका हक किस क्षेत्र में छीन लिया है. माहौल में इतना तनाव रखना है कि इस पर चर्चा न हो सके. इसलिए हमेशा सांप्रदायिक मुद्दों को अपनी मीडिया के जरिए चर्चा में रखना.

4. उत्तर भारत में गैर जाटव दलितों को बताना कि तुम्हारा हक सवर्णों और ब्राह्मणों ने नहीं, जाटवों ने हड़प लिया है. लेकिन
हकमारी का कोई आंकड़ा पेशन न करना, क्योंकि इससे पता चल जाएगा कि सारे उच्च पदों पर तो ब्राह्मण और दूसरे सवर्ण बैठे हैं. जाटव तो कहीं हैं ही नहीं.

5. उत्तर भारत में पिछड़ों के एक हिस्से को समझाना कि तुम्हारा हक ब्राह्मणों और सवर्णों ने नहीं, यादवों, कुर्मियों और कुशवाहा ने हड़प लिया है. लेकिन हकमारी का कोई आंकड़ा पेशन न करना, क्योंकि इससे पता चल जाएगा कि सारे उच्च पदों पर तो ब्राह्मण और बाकी सवर्ण बैठे हैं. यादव, कुर्मी, कुशवाहा तो कहीं हैं ही नहीं.

इस पंचसूत्री कार्यक्रम से मैं मोदी सरकार की हर राजनीति को समझ पा रहा हूं.

कुछ और है, तो आप बताएं.

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