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चीन से निपटने के लिए मोदी सरकार को RSS का ‘गुरु मंत्र’, 5 बार मंत्र का जाप करो मसला ही खत्म

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

राष्ट्रीय स्वयं संघ के पदाधिकारी अपने बयानों से बीच-बीच में ये साबित करते रहते हैं कि आरएसएस एक अवैज्ञानिक मान्यता वाला, अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला संगठन है। चीन-भारत के रिश्तों के गतिरोध जैसे गंभीर विषय पर भी आरएसएस अपनी पोगा पंथ वाली बातें करने से बाज नहीं आ रहा। हालिया  बयान तो कम से कम इस ओर इशारा कर ही रहा है-

भारत और चीन के बीच दोकलाम चौराहे को लेकर हुए सैन्य गतिरोध को लगभग एक महीने से ज्यादा हो गए हैं। इसी बीच इस मुद्दे से निपटने के लिए आरएसएस मंत्र जाप से चीन को काबू करना चाहता है। आरएसएस चीन की “असुर शक्ति” को एक खास मंत्र से काबू में करने की बात कह रहा है। हिंदू हो या मुसलमान, सघ ने मंत्र का जाप सभी धर्मों के लोगों से प्रार्थना करने से पहले करने की अपील की है।

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मंत्र भी पढ़ लीजिए- 

सभी भारतीयों से “कैलाश, हिमालय और तिब्बत चीन की असुर शक्ति से मुक्त हों” मंत्र का जाप पूजा या नमाज से पहले पांच बार करने की अपील की गई है। आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, “इससे न सिर्फ चीन को नुकसान पहुंचेगा, बल्कि यह हमारी आध्यात्मिक ऊर्जा को भी बढ़ाएगा और सकारात्मक प्रभाव होगा।

चीनी सामान के वहिष्कार का राग- 

इसके अलावा इंद्रेश कुमार ने चीनी सामान के बहिष्कार का राग अलापा। उन्होंने कहा, “चीनी वस्तुओं के भारतीय बाजार में आने से कई भारतीयों का रोजगार छिना है। लोगों को दिवाली, राखी, ईद जैसे त्योहारों पर चीनी वस्तुओं का बहिष्कार करना चाहिए।” गौरतलब है कि आरएसएस के संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने नागपुर में चीनी कंपनी के चाइना रेलवे रोलिंग स्टॉक प्रोजेक्ट का विरोध भी किया है। जागरण मंच के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि वह 851 करोड़ रूपए के निवेश से हुए इस सौदे को रद्द कर दें।

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भारत की सीमा के पास चीन ने जुटा ल‍िए हैं हजारों टन गोला-बारूद

इसी बीच अमेरिका ने भारत एवं चीन से सीधी वार्ता करने की अपील की है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता गैरी रोस ने कहा, ‘‘हम भारत एवं चीन को तनाव घटाने की खातिर प्रत्यक्ष वार्ता करने की अपील करते हैं। जिसमें किसी प्रकार की जोर जबरदस्ती न हो।’’

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