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पढ़िए, RSS का असली ‘राष्ट्रवाद’ और घोर संघी स्वयंसेवक के सपनों का भारत कैसा होगा ?

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो। 

अपने लेखों के माध्यम से मानवाधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार देश के मौजूदा आभासी माहौल पर करारी चोट करके लोगों को इस भ्रमजाल से सचेत करते रहते हैं। उनके शब्दो की चोट इतनी गहरी होती है कि साप्रदायिक ताकतों को उनके शब्द वाण की तरह अंदर तक जख्म दे देते हैं।

अपने हालिया लेख में उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के एक कट्टर स्वयंसेवक की मानसिकता को शब्दों में पिरोया है। आप भी पढ़िए और शेयर कीजिए-

स्वयंसेवक जी कम्युनिस्टों को गालियां बक रहे थे और उन्हें भारत की सभी समस्याओं के लिये जिम्मेदार बता रहे थे। मैने उनसे उनकी कल्पना के भारत के विषय मे पूछा।

स्वयंसेवक जी की कल्पना आपके सामने है – 

दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान हिन्दु धर्म मे मौजूद है। लेकिन गलती हमारी है कि हम सही रास्ता भूल चुके हैं । हमारी सभी समस्याओं का कारण यह है कि हमने धर्म का मार्ग छोड़ दिया है ၊

यदि भारत का प्रत्येक हिन्दु धर्म के मार्ग पर चले तो सभी समस्यायें चुटकी बजाते ही हल हो जाएगी। हर हिन्दु को धर्म शास्त्रों के अनुसार सुबह उठकर वेदो का पाठ करना चाहिए। सभी हिन्दु विदेशी पोशाक जैसे पैंट, शर्ट, कुर्ता , पाजामा, अन्डरवियर, जूते चप्पलों का त्याग कर अपनी प्राचीन पोशाक पीली धोती , ऊपर पीली चादर, सिर पर पीली पगड़ी पहनें।

महिलाये भी जीन्स आदि ना पहने सिर्फ लाल साड़ी पहनें। सभी हिन्दु लकड़ी की खड़ाऊँ पहनें। इससे बलात्कार आदि समाप्त हो जाएंगे।
कहीं भी आने जाने के लिये पैदल आएं जाएं अथवा घोड़ों का प्रयोग करें।

समाज की व्यवस्था मनुस्मृति के अनुसार चलनी चाहिए। जिससे ब्राहमण सभी को ज्ञान देंगे, व्यापार वैश्य करेंगे, क्षत्रिय तलवारें लेकर पहरा देंगे, शूद्र सभी लोगों की सेवा करेंगे। इससे समाज मे जो अशान्ति है वह समाप्त हो जाएगी।

चुनाव आदि व्यवस्था को समाप्त किया जाए। ज्ञानी ब्राह्मण ही राजा का चुनाव करेंगे। राजा ब्राह्मणों की सलाह से काम करेगा। राजा सिर्फ क्षत्रिय ही होगा। मनुस्मृति के अनुसार न्याय व्यवस्था चलेगी , यानी शूद्रों को कठोर दण्ड , ब्राह्मणों को क्षमादान, न्याय सिर्फ राजा करेगा।

सभी हिन्दु दान, तीर्थ यात्रा , पूजा, व्रत , यज्ञ आदि मे ध्यान लगाएंगे। सोमवार को शंकर का, मंगलवार को बजरंगबली का, गुरुवार को गुरु का , शुक्र को सन्तोषी माता का और शनिवार को शनी देवता का उपवास करना हर हिन्दु के लिये अनिवार्य होगा ၊

पुरखों का श्राद्ध, ब्राह्मणों को भोज देना, अनिवार्य होगा।

हर हिन्दू गाय पालेगा ( घास कहाँ से आएगी पता नहीं )

प्राचीन भारत को फिर से जीवित किया जायेगा , जो कुछ भी नया है वह सब विदेशियो , मलेच्छों यवनों का है जो कि धर्म विरूद्ध और पतित है। गाड़ियां, मोबाइल, सिले हुए कपड़े, जूते आदि सब विदेशियों द्वारा लाए गए हैं।

इन सब पर प्रतिबन्ध लगाया जाए। जब तक यह सब ना हो जाय तब तक हर हिन्दु राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा मे जाए और भाजपा को ही वोट दे। क्योंकि हिन्दुओं की यही पार्टी हिन्दुओं के ऊपर वर्णित गौरव को फिर से स्थापित करेगी।

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(ये लेखक के निजी विचार हैं नेशनल जनमत का इससे सहमत होना जरूरी नहीं )

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