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किसानों के समर्थन में आए साहित्यकार उदय प्रकाश बोले लोकतंत्र बचा रहने दो सत्ता वालों

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

किसान उग्र हैं और सत्तासीन लोग भरपूर बेशर्मी पर उतर आए हैं। किसानों पर चली गोलियों का दर्द समाज के हर तबके तक पहुंच रहा है। जाने माने साहित्यकार, कवि एवं फिल्मकार उदय प्रकाश ने न सिर्फ किसानों का खुला समर्थन किया है, बल्कि राहुल गांधी को किसानों से न मिलने देने की सरकारी तंत्र की बेशर्मी पर भी सवाल उठाया है।

उदय प्रकाश अपने फेसबुक पेज पर लिखते हैं…

“एक बहुत विनम्र, लोकतांत्रिक और बहुत मामूली-सा सवाल।

यदि मैं मध्यप्रदेश (जहाँ का मैं नागरिक हूँ) में मंदसौर का किसान होता और मुझसे मिलने के लिए राहुल गांधी वहाँ आने की कोशिश करते और उन्हें नीमच से पकड़ कर पुलिस ले जाती, तो मुझे कैसा लगता ?
ऐसा मत करो फ़िलहाल कुर्सीनसीनो।

कैसी जम्हूरियत कि आपके अलावा हर कोई शांति भंग करने वाला मान लिया जाय ?
लोकतंत्र को बचा रहने दो बंधुओं।
हद पार हो रही है।“

उदय प्रकाश मध्य प्रदेश में स्थित शहडोल जिले के सीतापुर गांव के रहने वाले हैं। गरीबों, दलितों, पिछड़ों पर उनकी लेखनी खूब चलती रही है। पीली छतरी वाली लड़की, टेपचू, मोहनदास जैसी लंबी कहानियों के माध्यम से उन्होंने वंचित तबके की आवाज उठाई है। आज वह किसानों के दुख से आहत हैं। किसानों का दुख ही नहीं, सरकार की वह बेशर्मी भी उन्हें आहत कर रही है।

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