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सैकड़ों जान लेने के बाद सरकार को आई सीवर सफाई कर्मियों की याद, अब मशीनों का होगा इस्तेमाल

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो।

दिल्ली सरकार ने सैकड़ों सफाई कर्मियों की मौत के बाद आखिरकार सीवर को मशीनों से साफ करने का फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया इसका उल्लंघन करने पर उम्रकैद की सज़़ा दी जाएगी।

जल मंत्री राजेंद्र पाल के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, निमग आयुक्त और नई दिल्ली के नगर पालिका अध्यक्ष को सीवर साफ करने वाली मशीन खरीदने पर 15 दिन के अंदर रिपोर्ट तैयार करने का आदेशा दिया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की अगुवाई में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नगर निकाय सहित कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।

उपराज्यपाल ने ट्वीट कर कहा, सीवर और नालों की सफ़ाई पूरी तरह से मशीनों से करने का निर्देश दिया गया है। सात दिन के अंदर कड़ी व्यवस्था तैयार की जाए। ठेकेदारों द्वारा अनुपालन के लिए नियमों का सघन प्रचार किया जाए। पुलिस उल्लंघनकर्ताओं के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

उपराज्यपाल ने सीवर की सफाई के दौरान हुई सफाईकर्मियों की मौत को अक्षम्य बताया। उन्होंने कहा, इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बीते रविवार को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में सीवर की सफाई करते 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन लोग घटना बुरी तरह घायल हो गए थे। दिल्ली में एक महीने के अंदर अलग-अलग तीन घटनाओं में नौ लोगों ने ऐसी ही स्थिति अपनी जान गवां चुके हैं।

कश्मीर से ज्यादा खतरा देश के अपने सीवर में है-

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल लिखते हैं कि-

कश्मीर में हमारी लगभग एक तिहाई सेना तैनात है. सरकारी आंकड़ा है कि 2016 में वहां 60 सुरक्षाकर्मी देश की रक्षा करते हुए मारे गए, जो हाल के वर्षों का सबसे बड़ा आंकड़ा है. कश्मीर एक खतरनाक जगह है. लेकिन इसी भारत में एक जगह कश्मीर से भी खतरनाक है.

वह जगह है सीवर. इनकी सफाई करते हुए एक साल में 22,327 भारतीय नागरिक मारे गए .(स्रोत- एस. आनंद का आलेख, द हिंदू)

कश्मीर पोस्टिंग की तुलना में सीवर में जाने में जान का जोखिम कई गुना ज्यादा है. सीवर से आप जिंदा लौटकर न आएं, इसकी आशंका बहुत ज्यादा है. लेकिन अगर दिल्ली जैसे किसी शहर में सीवर साफ न हों, तो हफ्ते भर में हैजा और तमाम बीमारियों से हजारों लोग मर जाएंगे,
इस मायने में यह काम किसी भी अन्य काम से ज्यादा नहीं तो कम महत्वपूर्ण भी नहीं है.

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सुप्रीम कोर्ट का आदेश ही कि सीवर में इंसान ना भेजा जाए-

सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी हालत में किसी व्यक्ति को सीवर में न भेजा जाए. इसके लिए भारतीय संसद ने मैनुअल स्कैंवेंजर एंड रिहैबिलिटेशन एक्ट 2013 भी पास किया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीवर साफ करने के दौरान हुई मौत का मुआवजा 10 लाख फिक्स किया है.
लेकिन हालात बदले नहीं है.

दुनिया में भारत की बदनामी की एक बड़ी वजह सीवर में होने वाली मौत है. इसे दुनिया कितनी गंभीरता से लेती है, इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि इस दिशा में काम करने वाले मित्र बेजवाड़ा विल्सन को मैगसेसे अवार्ड मिला है.

 

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