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योगी सरकार के साम, दाम, दंड, भेद के बाद भी समाजवादी पार्टी के 4 जिला पंचायत अध्यक्ष जीते

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठापरक उपचुनाव में आखिरकार समाजवादी पार्टी ने अपना दबदबा बरकरार रखा है। सत्ता पक्ष के भारी दवाब और साम, दाम, दंड, भेद इस्तेमाल करने के बाद भी सपा के चार जिला पंचायत अध्यक्ष जीतने में कामयाब हुए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य को धमकाने वाले विवादित बीजेपी प्रत्याशी दीपू सिंह औरैया से सरकार के सहयोग से जीत गए हैं।

समाजवादी पार्टी ने जीती चार सीट- 

कौशांबी- अनामिका सिंह पटेल

गाजीपुर- आशा देवी

फर्रुखाबाद- ज्ञान देवी कठेरिया

हाथरस- ओमवती

गाजीपुर- 

इस चुनाव में सपा की आशा देवी ने अपने पार्टी के बागी उम्मीदवार धर्मदेव यादव को पराजित करके ऐतिहासिक जीत दर्ज की। धर्मदेव यादव को महज 9 वोटों से संतोष करना पड़ा। कड़ी सुरक्षा के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार खत्री ने आशा देवी को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। इस जीत से जिले के सपाइयों में गजब का उत्साह है।

कौशांबी- 

कौशाम्बी में अनामिका सिंह पटेल को विजयी घोषित किया गया। 29 सदस्यीय सदन में उन्हें 20 मत मिले। चुनाव में उनकी प्रतिद्वंदी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को सिर्फ आठ मतों से ही संतोष करना पड़ा। एक मत अवैध पाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम मनीष कुमार वर्मा ने अनामिका को विजयी प्रमाण पत्र दिया। कौशाम्बी के जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर

सपा की मधुपति वाचस्पति का कब्जा था। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हीं के दल की अनामिका सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव दाखिल कर दिया था। अनामिका ने खुद के साथ 18 सदस्यों के समर्थन वाला हलफनामा भी प्रस्तुत किया था।

फर्रुखाबाद-

सत्तारुढ़ भाजपा को जोर का झटका लगा। पार्टी सांसद मुकेश राजपूत ने अपने चालक की पत्नी राजकुमारी कठेरिया को मैदान में उतारा था जिन्हें हार का सामना करना पड़ा। सपा से ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव ने ज्ञान देवी कठेरिया को लड़ाया था। सुबोध समर्थक 16 जिला पंचायत सदस्य जब एक साथ मतदान केंद्र पर दाखिल हुए तभी भाजपा की चुनावी गणित गड़बड़ा गई।

राजकुमारी के साथ समूह में 6 जिला पंचायत सदस्य मतदान करने पहुंचे। बाकी सदस्यों ने अलग-अलग वोट डाले। 30 वोटों में राजकुमारी को 9 और सपा की ज्ञानदेवी को 20 वोट मिले। एक वोट निरस्त कर दिया गया।

हाथरस- 

पूर्व ब्लॉक प्रमुख बसपा प्रत्याशी रामेश्वर उपाध्याय को सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव ने पटखनी दे दी है। रामेश्वर उपाध्याय बसपा सरकार में मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय के भाई हैं।

विवादित सीट औरैया-

औरैया के 8वें जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित दीपू सिंह और सपा प्रत्याशी कल्लू यादव आमने-सामने थे। दीपू अपने 11 समर्थकों के साथ वोट डालने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। लोग कयास लगा रहे थे कि शायद सपाई बहिष्कार करेंगे। इसी सीट के लिए अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस कप्तान ने ऐलान किया था कि कल्लू यादव और सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर पर मुकदमे हैं और वे वोट डालने पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मगर दोपहर बाद कल्लू और राजवीर नौ अन्य सदस्यों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इनके साथ भारी पुलिस बल मौजूद था। अंतत: दीपू को 13 सदस्यों का समर्थन मिला जबकि कल्लू को सात मतों पर संतोष करना पड़ा। एक वोट निरस्त हो गया।

अन्य निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष-

रामपुर में चन्द्रपाल सिंह
खीरी में सुमन सिंह
औरैया में दीपू सिंह
बुलंदशहर में प्रदीप
मऊ में उर्मिला
मेरठ में कुलविन्दर सिंह
संतकबीरनगर में नीना

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