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संसद में घिरी सरकार, विपक्ष बोला भीड़ में घुसकर गौरक्षकों को हत्या के लिए उकसाते हैं RSS के लोग

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो 

केन्द्र में भगवा मानसिकता की सरकार बनने के साथ ही  देश के विभिन्न हिस्सों में बीते दिनों फर्जी गौरक्षकों ने लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी।  बुधवार को सम्पूर्ण विपक्ष ने इस मामले पर एकजुट होकर राज्यसभा में केंद्र सरकार तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला और ऐसी घटनाओं में संघ परिवार के लोगों के संलिप्त होने का आरोप लगाया.

विपक्ष  के नेता बोले हत्याओं में संघ के लोग शामिल- 

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा और संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी ऐसी घटनाएं होती थीं लेकिन उनमें स्थानीय स्तर पर ही लोग शामिल होते थे. उन्होंने आरोप लगाया कि लेकिन अभी जो ऐसी घटनाएं हो रही हैं, उनमें बाहरी लोग जो संघ परिवार के लोग हैं भीड़ में घुसकर उकसाने का काम करते हैं।

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आजाद ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश में भय का माहौल बना दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक ऐसी घटनाएं हो रही हैं और जम्मू कश्मीर में भी वे लोग हालात बिगड़ रहे हैं.

ऐसे लोगों को संरक्षण मिला हुआ है- 

उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि हजारों लोगों के सामने पीट पीट कर हत्या कर दी जाती है और एक भी व्यक्ति उनकी रक्षा के लिए आगे नहीं आता. उन्होंने इस क्रम में अमेरिका की एक घटना का भी जिक्र किया जिसमें दो मुस्लिम महिलाओं की रक्षा के लिए दो अमेरिकी नागरिकों ने अपनी जान दे दी. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को संरक्षण मिला हुआ है. नहीं तो ऐसे मामलों को लेकर कई लोग जेल के अंदर होते.

आजादी से पहले की स्थिति पर ला दिया है देश को- 

आजाद ने कहा कि यह शर्मनाक स्थिति है जब आजादी के 70 साल बाद भी देश में ऐसी घटनाएं हो रही हैं जो बेहद चिंता का विषय है. आजाद ने विभिन्न राज्यों में हुई कई घटनाओं का जिक्र किया और आरोप लगाया कि झारखंड ऐसी घटनाओं का अखाड़ा बन गया है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की ये घटनाएं हो रही हैं, वैसी मध्य युग में होती थीं.

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हिंदू राष्ट्रवाद बना देशभक्ति का पैमाना-

माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि आज बीफ धर्म की पहचान करने का जरिया हो गया है. उन्होंने कहा कि गोरक्षा के नाम पर बने और दलों को केंद्रीय आदेश के द्वारा प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. इस तरह की घटनाएं संविधान में प्रदान समानता के अधिकार के विरोधाभासी है.

उन्होंने कहा कि आज देशभक्ति को हिंदू राष्ट्रवाद के रूप में पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार का यह कहना कि ऐसी घटनाओं को कुछ छिटपुट असामाजिक तत्व अंजाम दे रहे हैं, सही नहीं है बल्कि उसके पीछे एक वैचारिक सोच है. गोरक्षकों और एंटी रोमियो जैसे दलों को कानूनी तौर पर प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.

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तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि गोभक्ति के नाम पर हत्या को किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर लोगों में भ्रामक धारणा फैलाती है और देश में तरक्की होने को बात को प्रचारित करने के लिए आंकड़ों के साथ हेरफेर कर रही है.

गृहराज्य मंत्री हंसराज अहीर इसके जवाब में कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो गोरक्षा के नाम पर हत्याएं से जुड़े आंकड़े नहीं रखता. 2014 से ब्यूरो ने पीट पीट कर हत्या जैसी घटनाओं का आंकड़ा रखना शुरू किया है. गैर भाजपा शासित प्रदेशों में भी ऐसी घटनाएं हुई हैं. यह कहना सही नहीं है कि भाजपा के लोग इस प्रकार की घटनाओं में शामिल हैं.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से ली गई जानकारी)

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