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सरदार पटेल जयंती के लिए सपा कार्यालय तैयार, देखिए नरेश उत्तम पटेल से खास बातचीत

लखनऊ, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

बीजेपी की महापुरुष हस्तांतरण राजनीति के बीच समाजवादी पार्टी ने भी इस बार 31 अक्टूबर को लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय पर भव्य जयंती मनाने का निर्णय लिया है। जिसमें पटेल समाज के दिग्गज सपा नेताओं जमावड़ा होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि होंगे और अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल करेंगे।

समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय पर कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पार्टी कार्यालय के बाहर पटेल जयंती में आने वाले अतिथियों के स्वागत में एमएलसी रमा-आरपी निरंजन द्वारा बड़ा सा गेट बनवाया गया है। इसके अलावा कार्यालय के बाहर दर्जनों की संख्या में पटेल समाज के नेताओं की होर्डिंग भी लगी हैं।

समाजवादी पार्टी कार्यालय पर भव्य जयंती के आयोजन की पूर्व संध्या पर नेशनल जनमत के संपादक नीरज भाई पटेल से खास बात की। नरेश उत्तम ने साफ कहा कि बीजेपी एक  तरफ सरदार पटेल को मानने का दिखावा करती है। वहीं दूसरी तरफ किसानों, कमेरों के पीठ में छुरा भोंकती है।

मध्य प्रदेश में आंदोलन कर रहे पाटीदार किसानों को बीजेपी सरकार गोली मार देती है। नरेश उत्तम ने कहा कि सरदार पटेल जयंती पर पूरे प्रदेश से सरदार पटेल के अनुयायी लखनऊ में एकजुट होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।

देखिए नरेश उत्तम से बातचीत का वीडियो- 

कुर्मी समाज के दिग्गज नेताओं का होगा जमावड़ा- 

कार्यक्रम में कुर्मी समाज के दिग्गज सपा नेताओं का जमावड़ा होगा। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद बेनी प्रसाद वर्मा, पूर्व मंत्री विधायक नरेन्द्र सिंह वर्मा, सांसद रविप्रकाश वर्मा मौजूद रहेंगे।

मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामपूजन पटेल, पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह पटेल, पूर्व सांसद राकेश सचान, एमएलसी रमा आरपी निरंजन, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, रिटायर्ड आइएएस राधेश्याम सिंह समाज की दशा और दिशा पर विचार मंथन करेंगे।

कार्यक्रम के संयोजक एवं आयोजक पूर्व मंत्री वरिष्ठ सपा नेता राममूर्ति वर्मा हैं।

बीजेपी ने शुरू की थी विरासत हथियाने की राजनीति- 

एक छोटे से तालुके वारडोली के किसान आंदोलन से निकलकर देश के पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री बनने वाले सरदार पटेल के सिद्धांतों को याद करते हुए इस बार भी उनके अनुयायी देश भर के विभिन्न हिस्सों में जयंती का आयोजन कर रहे हैं।

लेकिन मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव के पूर्व सरदार पटेल की विरासत को कांग्रेस से हथियाने के लिए कुर्मी (पटेल) बाहुल्य इलाकों में आयोजित जनसभाओं में सरदार पटेल की लौह प्रतिमा के नाम पर कुर्मी समाज से लोहा लेना शुरू कर दिया।

सरदार के इन्ही अनुयायियों जिनमें कुर्मी, गुर्जर, जाट जैसी किसान जातियां शामिल हैं, को अपने पाले में लाने के लिए सरदार श्री के नाम और चेहरे को आगे रखने का प्रयास किया जा रहा है।

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