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किसानों को दोहरी मार दे दी SBI ने, मौसम के बहाने म.प्र. के 6 लाख किसानों के खातों से काटे पैसे

नई दिल्ली। नेशनल जनमत ब्यूरो

अगर आपका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में एकाउंट है तो आपको अपने बैंक एकाउंट पर नजर रखने की जरूरत है. एक राष्ट्रीय अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक बिना बताए उनके एकाउंट से 990 रूपए काट रहा है. एक तरफ तो एसबीआई बैंक उद्योगपतियों का हजारों करोड़ रुपया एनपीए की नाम पर माफ कर रहा है. उद्योगपति विजय माल्या भी इसी बैंक का 9 हजार करोड़ रुपया लेकर विदेश भाग गया. लगता है अब बैंक अपने इसी पैसे की भरपाई गरीब और आत्महत्या को मजबूर किसानों के एकाउंट से उनका पैसा काटकर कर रहा है.

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मौसम की जानकारी देने के नाम पर काट लिए पैसे – 

किसान खेती से कमाए हुए पैसों को पाई-पाई जोड़कर बैंकों में जमा करता है. ये सोचकर कि उसके खून पसीने की कमाई बैंक में सुरक्षित है. जिसे वो जब चाहे जरूरत पड़ने पर बैंक से निकाल सकता है. लेकिन जब बैंक ही किसानों की कमाई पर बिना बताए सेंध लगाने लगे तो जरूर हैरानी होती है. दरअसल, ये हाल देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक का है. रिपोर्ट की मानें तो एसबीआई ने किसानों के खातों से मौसम की जानकारी देने के नाम पर बिना बताए ही 990 रुपये काट लिए हैं.

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मध्य प्रदेश में 6 लाख किसानों के कटे रुपये- 

रिपोर्ट की मानें तो ये हाल पूरे देश का है. पूरे देश में एक करोड़ एक लाख केसीसी धारक किसानों के खातों से 990 करोड़ रुपये काटे गए. इनमें सबसे ज्यादा मध्य प्रदेश के करीब 6 लाख किसानों के खातों से 60 करोड़ रुपये काटे गए हैं. एसबीआई किसानों के खातों से सर्विस के नाम पर इस तरह उगाही कर रही है, जो केंद्र सरकार पहले ही टोल फ्री नंबर के जरिए यह सुविधा मुहैया करा रही है.

मामले कैसे आया सामने- 

विदिशा के नटेरन तहसील के नोराजखेड़ी गांव के किसान हजारीलाल शर्मा के पास एसबीआई से फोन आया, जिसमें उनके खाते से 990 रुपये की राशि मौसम की जानकारी के नाम पर काटने की जानकारी दी गई. इसके बाद शर्मा ने बैंक प्रबंधन को लिखित शिकायत की लेकिन बैंक ने उनकी राशि वापस नहीं की.

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शर्मा के मुताबिक, बैंक के मैनेजर ने उन्हें बताया कि बिना मंजूरी लिए ब्रांच के साथ देशभर के किसानों के खातों से बैंक की मुंबई स्थित मुख्य शाखा से यह राशि काटी जा रही है. इधर, एसबीआई की कृषि शाखा के मुख्य महाप्रबंधक का कहना है कि बैंक ने मौसम की सूचना के नाम पर किसानों से राशि ली लेकिन यह राशि किसानों से सहमति पत्र भरवाकर ली, जबकि कई किसान इससे साफ इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि मोबाइल पर मौसम की जानकारी के एसएमएस आ रहे हैं और बैंक ने 990 रुपये भी काट लिए.

आरएमएल कंपनी से किया गया है अनुबंध- 

देशभर में एसबीआई के केसीसी धारक एक करोड़ एक लाख हैं. यदि एसबीआई के एक करोड़ ग्राहक भी यह सुविधा हासिल करते हैं तो इसके लिए किसानों से करीब 990 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई. जानकारी मे पता चला है कि एसबीआई ने किसानों को मौसम एवं फसल की जानकारी दिलाने के लिए मुंबई की आरएमएल कंपनी से अनुबंध किया है. आरएमएल के अनुसार 16 राज्यों में एसबीआई की करीब 500 ब्रांचों में जुड़े ग्राहकों को कंपनी यह सुविधा दे रही है. अलग-अलग सेवाओं के अलग-अलग रेट तय हैं. इनमें 990 रुपये वार्षिक शुल्क वाली एसएमएस सेवा है.

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