You are here

SC-ST हिस्सेदारी को लेकर पुलिस अधिकारी डॉ. बीपी अशोक का साहसिक कदम,राष्ट्रपति को भेजा इस्तीफा

नई दिल्ली, नेशनल जनमत ब्यूरो। 

सिस्टम को गलत बोलने वाले हजारों हजार लोग होते हैं, लेकिन सिस्टम के विरोध में खड़े होने वाले विरले ही होते हैं। ऐसे ही विरले लोगों में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधीकारी डॉ. बीपी अशोक का नाम शुमार हो गया है।

बुद्धिज्म में पीएचडी करने वाले डॉ. बीपी अशोक जैसा साहसिक निर्णय लेने की क्षमता कम ही लोगों में होती है। डॉ. अशोक ने इस्तीफा देते हुए इस फैसले को अपन जीवन का सबसे कठोर निर्णय बताया है।

अपर पुलिस अधीक्षक ने राष्ट्रपति को भेजे अपने इस्तीफे में स्पष्ट कहा है कि सरकार उनके सात बिंदू मानें या फिर उनका त्यागपत्र स्वीकार कर लिया जाए।

एससी-एसटी एक्ट के कारण दिया है इस्तीफा- 

यूपी पुलिस के एडिशनल एसपी बीपी अशोक ने सोमवार को एससी-एसटी एक्ट के कमजोर पड़ने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना इस्तीफा भेजा।

उन्होंने लिखा, ”भारत में वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गई हैं, जिससे मुझे बहुत आघात पहुंचा है। कुछ बिंदुओं को आपके सामने रखते हुए मैं अपने जीवन का कठोर निर्णय ले रहा हूं।”

पुलिस अधिकारी ने सबसे पहला कारण एससी/एसटी एक्ट का कमजोर होना बताया है। उन्होंने इस्तीफा देने के पूरे सात बिंदुओं के बारे में राष्ट्रपति को बताया है।

बीपी अशोक ने लिखा-

पहला कारण, एससी/एसटी एक्ट को कमजोर किया जा रहा है।

दूसरा बिंदू, संसदीय लोकतंत्र को बचाया जाए। रूल ऑफ जज, रूल ऑफ पुलिस के स्थान पर रूल ऑफ लॉ का सम्मान किया जाए।

तीसरा बिंदू, महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व अभी तक नहीं दिया गया।

चौथा बिंदू, महिलाओं, एससी/एसटी/ओबीसी माइनॉरिटी को उच्च न्यायालयों में अभी तक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया।

पांचवां बिंदू, पदोन्नतियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

छठां कारण, श्रेणी चार से श्रेणी 1 तक साक्षात्कार युवाओं में आक्रोश पैदा करते हैं। सभी साक्षात्कार खत्म कर दिए जाएं।

सातवां बिंदू, ‘जाति’ के खिलाफ स्पष्ट कानून बनाया जाए।”

BJP सांसद ने दिखाई हिम्मत, बोलीं सांसद रहूं या न रहूं, संविधान व आरक्षण पर आंच नहीं आने दूंगी

अंबेडकर के नाम में UP सरकार ने रामजी जोड़ा, JDU का हमला, योगी अपना नाम ठाकुर अजय सिंह बिष्ट क्यों नहीं लिखते?

पीलीभीत: पुलिस की शह पर 2 पत्रकारों पर गुंडों ने किया हमला, कोतवाल मनोज त्यागी की बर्खास्तगी की मांग

अवैध उगाही और भ्रष्टाचार के दोषी, जालौन के डाइट प्राचार्य एमपी सिंह पर कार्रवाई आखिर कब ?

 

Related posts

Share
Share